मध्य प्रदेश 20 जनवरी (दैनिक खबरनामा) मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र में स्थित रीवा जिले के नवीन न्यायालय परिसर में सोमवार को अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पार्किंग व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी से नाराज वकीलों ने जमकर नारेबाजी करते हुए न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया। प्रदर्शन के कारण न्यायालय का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया, जिससे दूर-दराज से पेशी पर आए पक्षकारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अधिवक्ताओं का कहना है कि रीवा जिले के इस नवीन न्यायालय परिसर में न तो पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था है और न ही पेयजल, शौचालय और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पार्किंग को लेकर रोजाना विवाद की स्थिति बनती है, जिससे न्यायिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। वकीलों का आरोप है कि वे पिछले चार महीनों से लगातार इन समस्याओं को जिला एवं न्यायालय प्रशासन के सामने उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।
इसी नाराजगी के चलते सैकड़ों अधिवक्ता एकजुट होकर न्यायालय परिसर में धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं की मुख्य मांग थी कि उनकी समस्याओं को सुनने के लिए स्वयं प्रधान न्यायाधीश मौके पर आएं। वकीलों का कहना था कि जब तक शीर्ष स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।प्रधान न्यायाधीश की ओर से उनके प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं को समझाइश देते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि, अधिवक्ता इस आश्वासन से संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका कहना था कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और स्थायी समाधान की आवश्यकता है।प्रदर्शन के चलते न्यायालय में कई मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी, जिससे पक्षकारों को बिना काम हुए लौटना पड़ा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पार्किंग और मूलभूत सुविधाओं को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
फिलहाल न्यायालय प्रशासन द्वारा स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अधिवक्ताओं की मांगों पर क्या निर्णय होता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा