चंडीगढ़ 17 जनवरी (जगदीश कुमार) चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रायपुर कलां स्थित अस्थायी SPCA (सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स) केंद्र से पशुओं को सेक्टर-38 में बन रहे नए SPCA शेल्टर में स्थानांतरित करने की स्पष्ट समय-सीमा तय करने के निर्देश चंडीगढ़ प्रशासन को दिए हैं। अदालत ने नए केंद्र में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था का भी विस्तृत विवरण मांगा है।यह निर्देश न्यायमूर्ति अलका सरिन ने पशु कल्याण कार्यकर्ता शौर्य मदान द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में आरोप लगाया गया था कि रायपुर कलां स्थित अस्थायी SPCA केंद्र में पशुओं को रखे जाने के बावजूद कार्यकर्ता को कई बार वहां प्रवेश से वंचित किया गया।अदालत ने याचिकाकर्ता के हलफनामे का संज्ञान लेते हुए कहा कि उसमें उन सभी अवसरों का उल्लेख है, जब उन्होंने केंद्र का दौरा किया और उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं, चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव की ओर से अदालत को बताया गया कि सेक्टर-38 में नया SPCA केंद्र लगभग बनकर तैयार है और उसके पूर्ण होते ही सभी पशुओं को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा।न्यायमूर्ति अलका सरिन ने प्रशासन को निर्देश दिए कि वह एक शपथपत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करे कि नया शेल्टर कब तक पूरी तरह तैयार होगा और पशुओं का स्थानांतरण किस तिथि तक कर दिया जाएगा। साथ ही शपथपत्र में नई सुविधा में उपलब्ध व्यवस्थाओं तथा सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के स्थानों का भी पूरा विवरण देने को कहा गया है।SPCA के पशु चिकित्सक डॉ. प्रतीक बलाना की ओर से अदालत को बताया गया कि अब नए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर ली गई हैं और याचिकाकर्ता इन SOPs के तहत केंद्र का दौरा कर सकते हैं। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि प्रशासन यह स्पष्ट करे कि क्या पूरा केंद्र सीसीटीवी निगरानी में है और यदि कोई व्यक्ति फुटेज प्राप्त करना चाहता है तो उसकी प्रक्रिया क्या होगी।
इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनुराग चोपड़ा और हिमानी जमवाल उपस्थित रहे, जबकि डिप्टी कमिश्नर की ओर से अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता जे.एस. चंधाइल और अन्य पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरमान सग्गर ने पक्ष रखा।