राजस्थान 23 जनवरी (दैनिक खबरनामा)राजस्थान भीनमाल।वसंत पंचमी के पावन अवसर पर दिव्य ज्योति पब्लिक स्कूल एवं कॉलेज, भीनमाल में विधिक जागरूकता एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार टांक ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान की देवी मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार टांक ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी विषयों की जानकारी दी। उन्होंने मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत यातायात नियमों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता तथा नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले दंड के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही उन्होंने नशे के बढ़ते प्रचलन और उसके सामाजिक, मानसिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला।बालिका दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर मजिस्ट्रेट टांक ने बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि बाल विवाह एक अपराध है और इसके खिलाफ समाज को जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में अधिवक्ता हेमलता जैन ने बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कानून की सही जानकारी से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।शिविर में संस्था निदेशक प्रकाश जांगू, विद्यालय स्टाफ, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने का संदेश दिया गया।
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सीधी | 29 दिसंबर | अमित मिश्रा सीधी जिले के मझौली क्षेत्र अंतर्गत पांढ, ताला एवं मझौली धान खरीदी केंद्रों पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जबकि जिला कलेक्टर सीधी द्वारा उपार्जन केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए गए हैं और कई स्थानों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है, इसके बावजूद कुछ प्रभारी अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मझौली खरीदी केंद्र स्थित पांढ व ताला क्षेत्र का है, जहां उपार्जन केंद्र प्रभारी नियमों को ताक पर रखकर धान खरीदी कर रहे हैं। स्थानीय किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी को न तो किसी अधिकारी का डर है और न ही किसी कार्रवाई की परवाह। पूर्व में अधिकारियों द्वारा खरीदी केंद्र का निरीक्षण भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि निर्धारित 41 किलो की जगह 41 किलो 200 ग्राम तक धान भरवाया जा रहा है। इतना ही नहीं, नियमों के विपरीत धान की तौल और बोरा भराई का कार्य किसान स्वयं करने को मजबूर हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि अतिरिक्त धान भरवाने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है, लेकिन मजबूरी में वे इस व्यवस्था को सहन कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि कलेक्टर के सख्त निर्देशों और पूर्व निरीक्षण के बावजूद आखिर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी उपार्जन केंद्र प्रभारियों पर कब सख्त कार्रवाई करता है।
- Vishal
- December 29, 2025