हिमाचल प्रदेश 20 जनवरी( दैनिक खबरनामा) हिमाचल प्रदेश में टोल प्लाजा अब सुविधा नहीं बल्कि वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। प्रदेश के कई टोल बैरियरों पर ऑटोमेटिक ई-चालान सिस्टम में गड़बड़ी के चलते चालकों को बिना गलती भारी जुर्माने झेलने पड़ रहे हैं। खासकर कांगड़ा जिले के रानीताल (घट्टा) और सोलन जिले में बीमा वैध होने के बावजूद इंश्योरेंस न होने के चालान काटे जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।चालकों का कहना है कि टोल प्लाजा पर लगे कैमरे वाहन की गति और नंबर प्लेट तो रिकॉर्ड कर सकते हैं, लेकिन बीमा जैसे दस्तावेजों की सही जांच करने में सिस्टम पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। जैसे ही टोल पार किया जाता है, कुछ ही मिनटों में मोबाइल फोन पर 2,000 रुपए तक के चालान का मैसेज पहुंच रहा है, जिससे लोग सकते में आ जा रहे हैं।सबसे ज्यादा शिकायतें कांगड़ा जिले के रानीताल (घट्टा) टोल प्लाजा से मिल रही हैं। यहां से गुजरने वाले कई वाहन चालकों को तकनीकी खामी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। चालक सवाल उठा रहे हैं कि जब उनके पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, तो फिर चालान किस आधार पर काटे जा रहे हैं।पीड़ित टैक्सी चालकों ने बयां किया दर्द
इस तकनीकी गड़बड़ी का शिकार हुए एक टैक्सी चालक ने बताया कि वह मात्र 400 रुपए की सवारी लेकर जा रहा था, लेकिन टोल प्लाजा पार करते ही उसके मोबाइल पर 2,000 रुपए के चालान का संदेश आ गया। जबकि उसकी गाड़ी का बीमा दिसंबर 2026 तक वैध है।इसी तरह एक अन्य चालक को भी पूरी तरह वैध इंश्योरेंस होने के बावजूद ऑनलाइन चालान थमा दिया गया।
वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऑटोमेटिक चालान सिस्टम की तुरंत जांच कराई जाए और गलत तरीके से काटे गए चालानों को रद्द किया जाए, ताकि आम लोगों को बेवजह मानसिक और आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े।