हिमाचल प्रदेश 26 जनवरी2026 (दैनिक खबरनामा)
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य के पूर्ण राज्यत्व दिवस के अवसर पर किसानों, बागवानों, पेंशनरों और सरकारी कर्मचारियों के हित में कई अहम घोषणाएं कीं। परागपुर में आयोजित राज्यस्तरीय पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने जहां किसान व बागवान आयोग के गठन की घोषणा की, वहीं 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बड़ी राहत देने का एलान भी किया।मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनरों को लंबित पेंशन और पारिवारिक पेंशन का पूरा बकाया 31 जनवरी से पहले जारी कर दिया जाएगा। इस मद में राज्य सरकार द्वारा 90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे हजारों वरिष्ठ नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पेंशन संशोधन के कारण बने ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट के एरियर का भुगतान भी जनवरी में किया जाएगा। सरकार ग्रेच्युटी के बकाया का 50 प्रतिशत और लीव एनकैशमेंट के बकाया का 70 प्रतिशत जारी करेगी, जिस पर कुल 96 करोड़ रुपये खर्च होंगे।परागपुर को मिला प्रशासनिक और स्वास्थ्य का तोहफा मुख्यमंत्री ने जिला कांगड़ा के परागपुर में एसडीएम कार्यालय खोलने और नलसुहा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्थापित करने की भी घोषणा की, जिससे क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।79.60 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन सीएम सुक्खू ने जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र में 79.60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार आठ विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए। इनमें कस्बा कोटला में 6.14 करोड़ रुपये की लागत से बना मॉडल करियर सेंटर, रक्कड़ में 78 लाख रुपये का ट्रेजरी कार्यालय भवन, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सलेटी में 1.04 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवास और जलशक्ति विभाग के नए मंडल का 1.74 करोड़ रुपये का कार्यालय भवन शामिल है।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने एसडीपीओ डाडासीबा, संसारपुर मेन और संसारपुर टैरेस में नए पुलिस थानों का भी उद्घाटन किया।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों, कर्मचारियों, पेंशनरों और आम जनता को राहत देने के साथ-साथ प्रदेश के दूरदराज़ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। इन घोषणाओं से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।