27 दिसम्बर (जगदीश कुमार)मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर वन एवं खनन विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य में वन संरक्षण, खनन गतिविधियों की स्थिति, पर्यावरण संतुलन और अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अरावली पर्वत माला राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अरावली क्षेत्र जैव विविधता, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके संरक्षण से न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को भी कम किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अरावली क्षेत्र में बड़े स्तर पर सघन वृक्षारोपण अभियान चलाया जाए, जिसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि पर्यावरणीय संतुलन बना रहे।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अवैध खनन पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वन एवं खनन विभाग को आपसी समन्वय के साथ नियमित निगरानी करने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने आधुनिक तकनीक के उपयोग से खनन गतिविधियों की मॉनिटरिंग को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने, ग्रामीण क्षेत्रों में पौधारोपण को बढ़ावा देने और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए सतत विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।बैठक में वन एवं खनन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को विभागीय कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने अपेक्षा जताई कि सभी विभाग मिलकर कार्य करें, ताकि अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा और संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुनिश्चित किया जा सके।

