नई दिल्ली 8 जनवरी(दैनिक खबरनामा)अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में बसने का सपना देख रहे भारतीयों के लिए अब एक नया और चौंकाने वाला विकल्प सामने आ रहा है। अफ्रीकी देश बोत्सवाना अपनी नई ‘गोल्डन पासपोर्ट’ योजना के जरिए विदेशी नागरिकों को आकर्षित करने की तैयारी में है, और इस योजना में भारतीयों की जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिल रही है।बोत्सवाना सरकार जल्द ही ऐसी योजना लागू करने जा रही है, जिसके तहत विदेशी नागरिक एकमुश्त अधिकतम 1 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) का निवेश कर वहां की नागरिकता हासिल कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य देश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।भारतीय आवेदक टॉप देशों में शामिलफाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस गोल्डन पासपोर्ट योजना में आवेदन करने वालों में जिन तीन देशों के नागरिक सबसे आगे हैं, उनमें भारत भी प्रमुख रूप से शामिल है। इससे साफ है कि भारतीय निवेशक और प्रवासी अब पारंपरिक देशों के बजाय नए और उभरते विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
क्यों आकर्षण का केंद्र बन रहा है बोत्सवाना?बोत्सवाना को अफ्रीका के सबसे स्थिर और सुरक्षित देशों में गिना जाता है। यहां की अर्थव्यवस्था हीरे, खनन और पर्यटन पर आधारित है। राजनीतिक स्थिरता, कम अपराध दर और निवेश के अनुकूल नीतियों के चलते यह देश विदेशी नागरिकों के लिए आकर्षक बनता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अपेक्षाकृत कम निवेश राशि में नागरिकता मिलने की सुविधा, सरल नियम और भविष्य में अफ्रीका के बढ़ते बाजारों तक पहुंच—ये सभी कारण भारतीयों को इस योजना की ओर खींच रहे हैं।प्रवासन के बदलते ट्रेंडअब तक भारतीय प्रवासी अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को प्राथमिकता देते रहे हैं। लेकिन वीजा नियमों में सख्ती, लंबी प्रतीक्षा अवधि और बढ़ती लागत के चलते लोग नए देशों की तलाश में हैं। बोत्सवाना की यह योजना इसी बदलते ट्रेंड को दर्शाती है।आने वाले समय में बढ़ेगी होड़जानकारों का कहना है कि जैसे ही यह योजना औपचारिक रूप से लागू होगी, भारतीयों समेत एशियाई देशों के निवेशकों की संख्या और तेजी से बढ़ सकती है। इससे बोत्सवाना अफ्रीका का एक नया प्रवासन और निवेश हब बन सकता है।