हिमाचल प्रदेश 15 जनवरी (दैनिक खबरनामा) हिमाचल प्रदेश में बढ़ते वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से वन विभाग ने हिम एवरग्रीन प्रोजेक्ट योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत अब किसान और भूमि मालिक अपनी खाली जमीन या निजी घासनियों पर पौधे लगाकर न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकेंगे, बल्कि इसके बदले उन्हें आर्थिक प्रोत्साहन भी मिलेगा।वन विभाग द्वारा तैयार इस योजना के अनुसार किसान स्वयं अपनी भूमि पर पौधरोपण करेंगे। विभाग किसानों को पौधे मुफ्त उपलब्ध कराएगा। साथ ही पौधा लगाने पर प्रति पौधा 20 रुपये और पौधा स्थापित होने के बाद 30 रुपये की राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, पांच वर्षों के सफल मूल्यांकन के बाद लगभग 50 पौधों पर 2,000 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी सीधे भूमि मालिक के खाते में जमा कराई जाएगी। आगे चलकर पौधों की संख्या और वर्षों के आधार पर यह राशि और बढ़ाई जाएगी।
योजना के अंतर्गत फलदार पौधों को छोड़कर टाली, देवदार, चील, कचनार सहित इमारती लकड़ी देने वाले पौधों का रोपण किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल प्रदेश में हरियाली बढ़ेगी, बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर में कमी लाकर प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि हिम एवरग्रीन प्रोजेक्ट के तहत यह योजना आगामी मानसून सीजन से लागू कर दी जाएगी। कोई भी किसान या भूमि मालिक अपनी खाली पड़ी भूमि पर पौधरोपण के लिए संबंधित वन विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकता है।वन विभाग के अनुसार यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल साबित