हरियाणा 22 जनवरी(दैनिक खबरनामा ) हरियाणा में इस साल अप्रैल माह में राज्यसभा की दो सीटों को लेकर होने वाले चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दलों में उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विधानसभा में विधायकों की संख्या के गणित के अनुसार दोनों ही दलों के पास एक-एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या मौजूद है, ऐसे में मुकाबला बेहद रोचक होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, भाजपा की ओर से 10 अप्रैल 2020 को रामचंद्र जांगड़ा और कृष्ण लाल पंवार को राज्यसभा सदस्य बनाया गया था। दोनों हीματοही निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। बाद में कृष्ण लाल पंवार ने प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनकी सीट पर 27 अगस्त 2024 को किरण चौधरी को राज्यसभा सदस्य चुना गया। अब इन दोनों ही सीटों का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है, जिसके चलते नए चुनाव कराए जाएंगे।सियासी विश्लेषकों के मुताबिक वर्तमान में हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 48 विधायक और कांग्रेस के 37 विधायक हैं। ऐसे में दोनों ही दलों की स्थिति एक-एक सीट जीतने की मजबूत नजर आ रही है। हालांकि, अगर भाजपा दोनों सीटों पर जीत दर्ज करना चाहती है तो उसे अन्य दलों या निर्दलीय विधायकों का समर्थन जुटाना होगा, जिसके लिए लगभग 10 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत पड़ेगी। मौजूदा हालात में यह आसान नहीं दिख रहा है।भाजपा में इन नामों पर मंथन भाजपा की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर कई नामों पर चर्चा चल रही है। विशेष रूप से किरण चौधरी का नाम एक बार फिर सबसे आगे बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि किरण चौधरी और उनकी बेटी श्रुति चौधरी ने जून 2024 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। इसके बाद अगस्त 2024 में भाजपा नेतृत्व ने किरण चौधरी को राज्यसभा भेजा, जबकि अक्तूबर 2024 के विधानसभा चुनाव में श्रुति चौधरी तोशाम से विधायक निर्वाचित हुईं और वर्तमान में प्रदेश सरकार में सिंचाई मंत्री हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि किरण चौधरी दोबारा राज्यसभा पहुंचने के लिए पूरी कोशिश करेंगी।इसके अलावा आदमपुर से विधायक रहे कुलदीप बिश्नोई का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है। कुलदीप बिश्नोई अगस्त 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे और पार्टी में उनका कद लगातार बढ़ा है। वहीं, यदि भाजपा किसी जाट चेहरे को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाती है तो पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यू और ओमप्रकाश धनखड़ के नाम भी चर्चा में हैं। दोनों नेता 2014 से 2019 तक मनोहर लाल सरकार में प्रभावशाली मंत्री रह चुके हैं।कांग्रेस में दलित या जाट चेहरे पर मंथन कांग्रेस की ओर से भी उम्मीदवार चयन को लेकर गहन विचार-विमर्श जारी है। वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा जाट समुदाय से हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह पिछड़ा वर्ग से आते हैं। ऐसे में पार्टी जातीय संतुलन साधने के लिए राज्यसभा सीट पर किसी दलित चेहरे को मैदान में उतार सकती है। इस कड़ी में डा.अशोक तंवर का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में बताया जा रहा है। प्रदेश में अनुसूचित वर्ग के मतदाताओं की संख्या करीब 26 प्रतिशत है,जिसे ध्यान में रखते हुए कांग्रेस यह रणनीति अपना सकती है।हालांकि, अगर कांग्रेस किसी जाट चेहरे पर दांव खेलती है तो बृजेंद्र सिंह का नाम सबसे आगे है। बृजेंद्र सिंह 2019 में भाजपा की टिकट पर हिसार से लोकसभा सांसद चुने गए थे। उनके पिता बीरेंद्र सिंह लंबे समय तक कांग्रेस और भाजपा दोनों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं और वे लोकसभा व राज्यसभा दोनों के सदस्य रह चुके हैं। वर्तमान में बीरेंद्र सिंह और उनके पुत्र बृजेंद्र सिंह कांग्रेस में हैं।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

कुरुक्षेत्र में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, जर्मनी से डिपोर्ट युवक घायल

दैनिक खबरनामा | 15 जून, 2026 कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र के गांव मुर्तजापुर…
Share to :

जेवर एयरपोर्ट फ्लाईओवर निर्माण में बड़ा हादसा: फरीदाबाद में क्रेन पलटी, एक मजदूर की मौत; कई के दबे होने की आशंका

दैनिक खबरनामा। फरीदाबाद, 4 जून 2026: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में पनहेड़ा…
Share to :

उत्तर रेलवे विशेष सेवा पुरस्कार 2025 अंबाला मंडल ने मारी बाज़ी, चार प्रतिष्ठित शील्ड किए अपने नाम

अंबाला 11 जनवरी (दैनिकखबरनामा)अंबाला उत्तर रेलवे ने वर्ष 2025 के लिए विशेष…
Share to :

कालका सब्जी मंडी के गेट पर जलभराव वाला गड्ढा बना खतरा, हादसे की आशंका बढ़ी

हरियाणा 5 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा ) हरियाणा के कालका सब्जी मंडी…
Share to :