नई दिल्ली 5 मार्च 2026( दैनिक खबरनामा ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की मौजूदगी में गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और फिनलैंड के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान हुआ। इससे पहले दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी हुई, जिसमें व्यापार, निवेश, डिजिटल तकनीक और सतत विकास जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई।इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायसीना डायलॉग 2026 को संबोधित करते हुए रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों को जल्द समाप्त करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि चार साल से अधिक समय से जारी रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में अमेरिका-इस्राइल तथा ईरान के बीच बढ़ते तनाव का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है।फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में पीएम मोदी ने कहा कि एक स्वस्थ और सुरक्षित ग्रह दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भारत और फिनलैंड मिलकर भारत में विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच की मेजबानी करेंगे, जिससे सतत विकास के प्रयासों को नई दिशा और विचार मिलेंगे।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि केवल सैन्य संघर्ष से किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। चाहे यूक्रेन का संकट हो या पश्चिम एशिया का तनाव, भारत शांति और संघर्ष के शीघ्र अंत के हर प्रयास का समर्थन करता रहेगा।उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार अत्यंत आवश्यक है। साथ ही आतंकवाद को उसके सभी रूपों में समाप्त करना भी दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता है।पीएम मोदी ने राष्ट्रपति स्टब की भारत यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि वर्ष 2026 की शुरुआत में भारत-यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते से भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। डिजिटल तकनीक, बुनियादी ढांचा और स्थिरता जैसे क्षेत्रों में दोनों देश महत्वपूर्ण साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि नोकिया के मोबाइल फोन और टेलीकॉम नेटवर्क ने करोड़ों भारतीयों को आपस में जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।