पंजाब 15 मार्च 2026 (जगदीश कुमार) पंजाब को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने “पंजाब फिल्म प्रमोशन नीति 2026” लागू की है। निवेश को आकर्षित करने के लिए इस नीति को निवेशकों और फिल्म निर्माताओं के लिए लचीला और लाभकारी बनाया गया है। यह जानकारी मोहाली के प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट 2026 के दौरान मीडिया और एंटरटेनमेंट सत्र में हुई पैनल चर्चा में सामने आई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि राज्य सरकार हर फिल्म निर्माता, निवेशक और रचनात्मक प्रतिभा का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार फिल्म निर्माताओं को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि फिल्म शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम लागू किया गया है, जिससे अनुमति प्राप्त करना आसान होगा और फिल्म निर्माताओं को सरकारी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब की नकारात्मक छवि पेश करने वाले बिचौलियों का दौर समाप्त हो चुका है और अब फिल्म उद्योग के लिए राज्य के दरवाजे पूरी तरह खुले हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब मुख्यमंत्री का एक “ड्रीम प्रोजेक्ट” है और इसे साकार करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने बताया कि सरकार फिल्म शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए सुधार कर रही है। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में एक प्रोडक्शन यूनिट की समस्या एक फोन कॉल के जरिए तुरंत हल कर दी गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि पंजाब आने वाला हर फिल्म उद्योग से जुड़ा व्यक्ति सरकार के लिए परिवार जैसा है और उसे हर संभव सहायता दी जाएगी।
इस मौके पर इनवेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका ने बताया कि राज्य सरकार फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री और वेब सीरीज के निर्माण पर 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी देती है, जो अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक हो सकती है। वहीं पंजाबी भाषा की फिल्मों के लिए 30 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 3.5 करोड़ रुपये है। इसके अलावा फिल्म सिटी, फिल्म स्टूडियो, वीएफएक्स स्टूडियो और प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने के लिए 20 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी।उन्होंने कहा कि भले ही भारत के कुल भू-भाग में पंजाब का हिस्सा लगभग 1.5 प्रतिशत और आबादी करीब 2 प्रतिशत है, लेकिन सांस्कृतिक प्रभाव के मामले में पंजाब का योगदान बहुत बड़ा है। सरकार मोहाली में एक आधुनिक फिल्म सिटी विकसित करने और फिल्म निर्माण से जुड़े कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम कर रही है।सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के सचिव रामवीर ने कहा कि पंजाब की आत्मा हमेशा उसके मीडिया और कला के माध्यम से झलकती रही है। उन्होंने बताया कि 19वीं सदी के प्रिंट मीडिया से लेकर आज के डिजिटल युग तक पंजाबी मीडिया ने समाज और संस्कृति को मजबूत पहचान दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब की “चढ़दी कला” की भावना ही भारतीय सिनेमा और कला जगत में पंजाबी भाषा की मजबूत मौजूदगी का कारण है।कार्यक्रम में स्पीड रिकॉर्ड्स के सीईओ दिनेश औलक, ओटीटी प्लेटफॉर्म चौपाल के एमडी संदीप बंसल और पंजाब फिल्म सिटी के एमडी इकबाल चीमा ने पंजाब सरकार द्वारा फिल्म प्रमोशन नीति लागू करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह नीति फिल्म उद्योग के लिए अनुकूल माहौल तैयार करेगी और पंजाब को रचनात्मक उद्योग का वैश्विक केंद्र बनाने में मदद करेगी।संदीप बंसल ने कहा कि आने वाले 4 से 5 वर्षों में पंजाब का ओटीटी उद्योग 2000 करोड़ रुपये से अधिक का बाजार बन सकता है, जिससे राज्य में मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।