पंजाब 15 मार्च 2026( दैनिक खबरनामा ) पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने उनके खिलाफ केस चलाने के लिए संज्ञान ले लिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च तय की है। इस फैसले के बाद भुल्लर को फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा।इससे पहले पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भी भुल्लर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वहीं, चंडीगढ़ स्थित सीबीआई अदालत भी उनकी जमानत अर्जी पहले ही खारिज कर चुकी है। ऐसे में उन्हें राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील एसपीएस भुल्लर ने कई दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा कि सीबीआई द्वारा दाखिल किए गए चालान में रिश्वत के लिए “सेवा पानी” शब्द का इस्तेमाल किया गया है। वकील के अनुसार “सेवा पानी” का अर्थ कई तरह से लिया जा सकता है और यह जरूरी नहीं कि इसका मतलब रिश्वत ही हो।
वकील ने मामले के गवाहों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सेक्टर-9डी, चंडीगढ़ में कथित घटना के समय केवल बिचौलिया, शिकायतकर्ता आकाश और सीबीआई अधिकारी सचिन ही मौजूद थे। इसके अलावा कोई अन्य स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि गिरफ्तारी के समय पंजाब पुलिस के किसी वरिष्ठ अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।वहीं सीबीआई के वकील ने अदालत में कहा कि हरचरण सिंह भुल्लर एक बड़े पद पर तैनात अधिकारी रहे हैं और एजेंसी ने ठोस सबूत जुटाने के बाद ही उनकी गिरफ्तारी की है। सीबीआई के अनुसार रिश्वत लेने का मामला बेहद गंभीर है और इसकी जांच पूरी तरह तथ्यों के आधार पर की गई है।गौरतलब है कि हरचरण सिंह भुल्लर को 2023 में डीआईजी पद पर पदोन्नत किया गया था। दिसंबर 2023 में उन्हें पटियाला रेंज का डीआईजी बनाया गया और बाद में रोपड़ रेंज की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। मई 2025 में उन्हें रोपड़ रेंज के साथ पटियाला रेंज का अतिरिक्त चार्ज भी दिया गया था। हालांकि 16 अक्टूबर 2025 को सीबीआई ने उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार कर लिया था।