उत्तराखंड 16 जनवरी (दैनिक खबरनामा) उत्तराखंड
देहरादून। पर्यटन व्यवसाय को स्थानीय लोगों के हित में मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार ने होम स्टे योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रदेश की होम स्टे योजना का लाभ केवल उत्तराखंड के स्थायी निवासियों को ही मिलेगा। बाहरी राज्यों के लोग तीन से चार कमरों में संचालित होने वाले होम स्टे के लिए पंजीकरण नहीं करा सकेंगे।राज्य मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय,होम स्टे एवं बेड-एंड-ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली–2026 को मंजूरी दे दी है। नई नियमावली के तहत राज्य के स्थायी निवासियों को अपने स्वामित्व वाले परिसरों में होम स्टे संचालन पर बिजली और पानी के कनेक्शन घरेलू दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, बाहरी लोगों द्वारा संचालित बेड-एंड-ब्रेकफास्ट इकाइयों पर बिजली और पानी की व्यावसायिक दरें लागू होंगी।सरकार के अनुसार, पहले किसी भी व्यक्ति को होम स्टे पंजीकरण की अनुमति होने के कारण राजस्व का नुकसान हो रहा था, क्योंकि होम स्टे योजना के अंतर्गत टैक्स नहीं देना पड़ता और घरेलू दरों पर बिजली-पानी की सुविधा मिलती थी। नई व्यवस्था से इस विसंगति को दूर किया गया है।प्रदेश में वर्तमान में छह हजार से अधिक होम स्टे पंजीकृत हैं। सरकार का मानना है कि इस योजना से स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, साथ ही पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को किफायती दरों पर ठहरने की सुविधा भी जारी रहेगी। पर्यटन विभाग द्वारा होम स्टे संचालकों को मार्केटिंग और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी प्रदान की जा रही