चंडीगढ़ 10 जनवरी (जगदीश कुमार)चंडीगढ़ का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम जल्द ही नई रफ्तार पकड़ने वाला है। शहर के हर प्रमुख रूट पर यात्रियों को हर 10 मिनट में बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि जब तक मेट्रो परियोजना पर कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक ट्रैफिक और जाम की समस्या से निपटने के लिए सशक्त और बेहतर बस सेवाएं ही सबसे व्यावहारिक विकल्प हैं।प्रशासक ने बताया कि शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं, जबकि शेष 75 ई-बसें जल्द ही सड़कों पर उतारी जाएंगी। इन बसों को शहर और ट्राइसिटी के उन रूटों पर चलाया जाएगा, जो लंबे समय से बंद पड़े हैं। इसके साथ ही नए रूट भी शुरू किए जाएंगे, ताकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने मेट्रो की तुलना में बस सेवाओं को अधिक किफायती, लचीला और प्रभावी समाधान बताया।ट्रैफिक के भारी दबाव से जूझ रहा चंडीगढ़चंडीगढ़ में रोजाना करीब डेढ़ लाख वाहन पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों से प्रवेश करते हैं। इसके अलावा स्थानीय वाहनों की संख्या अलग है, जिससे शहर पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासक कटारिया ने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत किए बिना ट्रैफिक समस्या से राहत संभव नहीं है।
सीटीयू के बेड़े में 478 बसें फिलहाल चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के पास कुल 478 बसें हैं। इनमें से 258 बसें सिटी सर्विस और 220 बसें लॉन्ग रूट पर संचालित हो रही हैं। डिपो-2 से 170 बसें, डिपो-1 और 3 से 220 बसें, डिपो-4 से 15 बसें तथा डिपो-3 से 88 बसें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 80 इलेक्ट्रिक बसें भी वर्तमान में सेवा में हैं।लॉन्ग रूट की 220 बसों में से 63 बसें फिलहाल सिटी रूट पर लगाई गई हैं। सीटीयू को इस समय करीब 140 बसों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें से 40 बसें लॉन्ग रूट की हैं। नई बसें मिलने के बाद पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य राज्यों के लिए बंद पड़े रूटों पर दोबारा बस सेवाएं शुरू की जाएंगी।
सिटी रूट पर चलेंगी नई इलेक्ट्रिक बसें पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत शामिल की जा रही नई इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने पर 215 से 220 किलोमीटर तक चलने में सक्षम होंगी। इसी वजह से इन बसों को लॉन्ग रूट के बजाय सिटी बस सर्विस को मजबूत करने के लिए शहर के रूटों पर उतारा जाएगा, जिससे यात्रियों को ज्यादा सुविधा और नियमित सेवा मिल सकेगी।