4 जनवरी 2026( दैनिक खबरनामा )बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता और प्रमुख बलोच नेता मीर यार बलोच ने पाकिस्तान-चीन की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को बलोचिस्तान के लिए बेहद ख़तरनाक करार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ महीनों में चीन अपनी सैन्य टुकड़ियों को पाकिस्तान के बलोचिस्तान क्षेत्र में तैनात कर सकता है।भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लिखे एक खुले पत्र में मीर यार बलोच ने कहा कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और बीजिंग, इस्लामाबाद के साथ मिलकर इसे तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है। उनका आरोप है कि इस परियोजना की आड़ में बलोचिस्तान में सैन्य और रणनीतिक नियंत्रण को और मज़बूत किया जा रहा है।
मीर यार बलोच ने कहा कि बलोचिस्तान दशकों से पाकिस्तान के दमन का शिकार रहा है, जहां राज्य प्रायोजित हिंसा, जबरन गुमशुदगी और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन आम बात बन चुके हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलोच जनता की आवाज़ सुनने की अपील की।गौरतलब है कि मई 2025 में बलोच राष्ट्रवादी नेताओं ने पाकिस्तान से स्वतंत्रता की घोषणा की थी। इसी क्रम में अब मीर यार बलोच ने ऐलान किया है कि “2026 बलोचिस्तान ग्लोबल डिप्लोमैटिक वीक” का आयोजन 2026 के पहले सप्ताह में किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बलोचिस्तान को दुनिया के देशों से सीधे संवाद करने का मंच प्रदान करना है।उन्होंने स्पष्ट किया कि बलोचिस्तान की लड़ाई केवल ज़मीन की नहीं, बल्कि अस्तित्व, सम्मान और आज़ादी की है, और इस संघर्ष में वे भारत सहित लोकतांत्रिक देशों के समर्थन को बेहद अहम मानते हैं।