नई दिल्ली 16 जनवरी (दैनिक खबरनामा) नई दिल्ली केंद्र सरकार मनरेगा के बाद यूपीए सरकार के कार्यकाल में बने दो बड़े कानूनों—शिक्षा का अधिकार (RTE) और खाद्य सुरक्षा अधिकार कानून—में सुधार की तैयारी कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि इन योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पूरी तरह पहुंचे तथा सभी लाभार्थियों का शत-प्रतिशत (100%) पंजीकरण सुनिश्चित हो।सरकार पहले इन कानूनों में नियमों और आदेशों के जरिए सुधार करने की कोशिश करेगी। यदि इससे अपेक्षित परिणाम नहीं मिले, तो संसद में नए संशोधन विधेयक (बिल) लाए जाने की भी संभावना है। इसके साथ ही सरकार लोगों को घर पाने के अधिकार को भी कानूनी अधिकार का दर्जा देने पर विचार कर रही है।परामर्श प्रक्रिया से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मनमोहन सिंह सरकार के दौरान बनाए गए विकास से जुड़े अधिकार आधारित कानूनों में तीन बड़ी कमियां सामने आई थीं। इन कानूनों के बावजूद न तो सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकी और न ही हर जरूरतमंद परिवार तक खाद्य सुरक्षा का लाभ पूरी तरह पहुंच पाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी योजनाओं में लाभार्थियों का पूर्ण पंजीकरण हो और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक, सही समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। उल्लेखनीय है कि संसद के शीतकालीन सत्र में मनरेगा की जगह लाया गया VB-G Ram G बिल पहले ही पारित किया जा चुका है।