उत्तर प्रदेश 11 जनवरी (दैनिक खबरनामा)बांदा जिले के बिसंडा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बुरी स्थित अस्थाई गौशाला में गोवंश संरक्षण के नाम पर बड़े घोटाले के गंभीर आरोप सामने आए हैं। गौ रक्षा समिति के जिलाध्यक्ष महेश प्रजापति ने अपनी टीम के साथ गौशाला का निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाओं की बदहाली ने सभी को झकझोर कर रख दिया।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गौशाला में गोवंशों को केवल सूखी पराली खिलाई जा रही है। खाने की चरही पूरी तरह खाली पड़ी थी और दोपहर तक चारा नहीं डाला गया था। भूख के कारण गोवंश बेहद कमजोर नजर आए और कई गोवंश कुपोषण की स्थिति में पाए गए।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गौशाला परिसर में चार गोवंशों के कंकाल खुले में पड़े मिले, जिन्हें कुत्ते नोचते हुए दिखाई दिए। इससे साफ जाहिर होता है कि मृत गोवंशों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार तक नहीं कराया गया, जो न सिर्फ सरकारी नियमों का उल्लंघन है बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी शर्मसार करता है।गौ रक्षा समिति के जिलाध्यक्ष महेश प्रजापति ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा प्रति गोवंश 900 रुपये प्रतिमाह चारा-भूसा और देखभाल के लिए दिए जाते हैं, लेकिन यह राशि कागजों में खर्च दिखाकर हड़प ली जा रही है। जमीन पर गोवंश भूखे-प्यासे तड़प रहे हैं।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस चारा घोटाले पर रोक नहीं लगाई गई और जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो गौशाला में मौजूद सभी गोवंशों की जान खतरे में पड़ सकती है।
मामले के सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है और दोषियों पर कब तक शिकंजा कसता है।

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