कानपुर 30 दिसम्बर (जगदीश कुमार )कानपुर के 23 वर्षीय छात्र की असम के डिब्रूगढ़ में मौत की खबर ने परिवार और शहर दोनों को गहरे सदमे में डाल दिया। छात्र वहां सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा था और किराए के कमरे में रह रहा था। 27 दिसंबर की शाम उसका शव कमरे में मिला, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।परिजनों के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले छात्र की अपनी गर्लफ्रेंड से वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान क्या हुआ, इसे लेकर पुलिस ने मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स को जांच के दायरे में लिया है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।घटना की सूचना मिलते ही डिब्रूगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। पोस्टमार्टम के बाद शव को कानपुर भेजने की व्यवस्था की गई। सोमवार देर रात शव कानपुर पहुंचा, जहां परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में अंतिम दर्शन किए गए।
मंगलवार सुबह छात्र का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग और परिचित भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी यही सवाल करते नजर आए कि पढ़ाई और भविष्य को लेकर मेहनत कर रहा युवक आखिर इतना बड़ा कदम उठाने की स्थिति में कैसे पहुंच गया।
परिवार वालों का कहना है कि छात्र कुछ समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर तनाव में था, लेकिन उसने कभी खुलकर किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया। वहीं पुलिस का कहना है कि मानसिक दबाव, पढ़ाई का तनाव या किसी अन्य कारण की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए हर एंगल से जांच की जा रही है।यह घटना एक बार फिर युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव की ओर ध्यान खींचती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से सबक लेते हुए परिवार और समाज को युवाओं से संवाद बढ़ाने और समय रहते उनकी मानसिक स्थिति को समझने की जरूरत है।