हिमाचल 19 जनवरी( दैनिक खबरनामा ) हिमाचल प्रदेश शिमला।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि मौजूदा सरकार पूरी तरह से “मित्रों की सरकार” बनकर रह गई है, जिसे प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पढ़ा-लिखा युवा आज सड़कों पर भटकने को मजबूर है, जबकि मुख्यमंत्री अपनी तमाम मेहरबानियां केवल अपने सेवानिवृत्त मित्रों और चहेतों पर लुटा रहे हैं।जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने कार्यकाल के चौथे वर्ष में प्रवेश करते ही 530 पटवारी पदों के लिए विज्ञापन जारी किया और प्रदेश के लाखों गरीब व मध्यम वर्गीय अभ्यर्थियों से परीक्षा शुल्क के नाम पर 12 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूल ली। हैरानी की बात यह है कि अब तक इन पदों के लिए लिखित परीक्षा तक आयोजित नहीं की गई है।उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा कराए बिना ही सरकार ने “चोर दरवाजे” से इन्हीं पदों पर अपने चहेते सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति शुरू कर दी है। जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब सरकार को रिटायर्ड मित्रों को ही पद देने हैं, तो फिर युवाओं से परीक्षा शुल्क लेकर यह पूरा ढोंग क्यों रचा जा रहा है।नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री शगुन योजना को लेकर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि बीपीएल परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना सरकार की उपेक्षा और कुप्रबंधन की भेंट चढ़ गई है। सिरमौर जिले का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि 193 लाभार्थियों के करीब 60 लाख रुपये आज भी ट्रेजरी में रोके गए हैं, जो बेहद शर्मनाक है।महिलाओं से जुड़े वादों पर सरकार को घेरते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि हर महीने 1500 रुपये देने की गारंटी केवल झूठा प्रचार बनकर रह गई है। बिना एक पैसा दिए देशभर में घूम-घूम कर महिलाओं को पैसा देने का दावा किया जा रहा है। वहीं, पूर्व सरकार द्वारा शुरू की गई प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रदेश की बेटियों से कोई शुल्क न लेने की प्रथा को भी मौजूदा सरकार ने बंद कर दिया है।उन्होंने कहा कि युवाओं और महिलाओं के साथ इस तरह का धोखा प्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।