हिमाचल 16 जनवरी (दैनिक खबरनामा)हिमाचल प्रदेश का पांवटा साहिब, जो अब तक धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता था, अब अपने शुद्ध और प्राकृतिक देसी गुड़ व शक्कर के लिए भी खास पहचान बना रहा है। सिरमौर जिले की पांवटा साहिब घाटी गन्ना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और गन्ने के सीजन में यहां चर्खियों पर तैयार होने वाला देसी गुड़ और शक्कर अपने बेहतरीन स्वाद व गुणवत्ता के कारण न केवल प्रदेश, बल्कि अन्य राज्यों में भी खूब पसंद किया जा रहा है।इन दिनों पांवटा साहिब घाटी गुड़ और शक्कर की खुशबू से महक रही है। शिवपुरी और हरिपुर टोहाना क्षेत्रों में जगह-जगह चर्खियां चल रही हैं। इन इलाकों में करीब 18 से 20 चर्खियां सक्रिय हैं, जहां गन्ने के रस से पारंपरिक गुड़ और शक्कर तैयार की जा रही है। प्राकृतिक तरीके से उगाए गए गन्ने के रस से यहां पारंपरिक गुड़ के साथ-साथ मूंगफली वाला गुड़ और गाजर गुड़ जैसी विशेष किस्में भी बनाई जा रही हैं, जो लोगों की खास पसंद बनती जा रही हैं।स्थानीय महिला गुड़ उत्पादक किसान सतवंत कौर बताती हैं,इन दिनों हमारे यहां चरखी लगी हुई है। शुद्ध और प्राकृतिक तरीके से गुड़ और शक्कर तैयार की जा रही है। गन्ने की फसल भी पूरी तरह प्राकृतिक विधि से उगाई जाती है। लोग खुद यहां आकर अलग-अलग तरह का गुड़ खरीद रहे हैं।”
पांवटा साहिब की यह देसी मिठास अब धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना रही है।