हिमाचल प्रदेश 17 जनवरी (दैनिक खबरनामा) हिमाचल
प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों की आय व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों में समर्थ पंचायत पोर्टल के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है। पंचायती राज विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह व्यवस्था 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में लागू होगी।सरकार की इस पहल के तहत अब ग्राम पंचायतों से जुड़े कर और गैर-कर राजस्व से संबंधित सभी कार्य केवल समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अब पंचायतों में किसी भी प्रकार की ऑफलाइन प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।पंचायतों की आय से जुड़े सभी कार्य होंगे ऑनलाइन नए नियमों के अनुसार, पंचायत क्षेत्र में कर निर्धारण, गैर-कर राजस्व का आकलन, करदाताओं का पंजीकरण, ऑनलाइन मांग सृजन, पंचायत संपत्तियों के राजस्व उपयोग और नागरिकों से भुगतान की डिजिटल वसूली जैसे सभी कार्य समर्थ पंचायत पोर्टल से ही किए जाएंगे। इससे कर संग्रहण की प्रक्रिया न केवल आसान होगी, बल्कि उसमें पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभसमर्थ पोर्टल लागू होने से आम नागरिकों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। अब ग्रामीणों को कर भुगतान, प्रमाण पत्र शुल्क या पंचायत से जुड़े अन्य शुल्क जमा करने के लिए पंचायत कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे घर बैठे डिजिटल माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। इससे समय की
बचत के साथ-साथ भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम होंगी।
पंचायतों की वित्तीय स्थिति होगी मजबूत प्रदेश सरकार का कहना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से ग्राम पंचायतों की वित्तीय आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। कर संग्रह में बढ़ोतरी होगी और पंचायतों को अपने विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। साथ ही, आय और व्यय का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहने से ऑडिट प्रक्रिया भी आसान होगी।पारदर्शिता और मानकीकरण पर जोर सरकार के अनुसार, समर्थ पंचायत पोर्टल से पंचायत स्तर पर मानकीकरण, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी। सभी पंचायतों में एक समान प्रणाली लागू होने से कार्यप्रणाली में एकरूपता आएगी और मनमानी पर अंकुश लगेगा।केंद्र सरकार द्वारा विकसित प्लेटफॉर्म समर्थ पंचायत पोर्टल को भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है। यह पोर्टल देशभर की पंचायतों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हिमाचल प्रदेश इस पोर्टल को अनिवार्य रूप से लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।सरकार ने सभी जिला पंचायत अधिकारियों और ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि वे समय रहते पोर्टल पर प्रशिक्षण और तकनीकी तैयारियां पूरी कर लें, ताकि 1 अप्रैल से नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू किया जा सके।