हिमाचल प्रदेश 14 जनवरी( दैनिक खबरनामा ) हिमाचल शिमला को सतलुज नदी का पानी पहुंचाने की राह में आ रही बिजली संबंधी समस्या आखिरकार दूर हो गई है। सोमवार को शकरोड़ी में स्थापित 22 केवीए सब-स्टेशन की टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। बिजली बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में यह परीक्षण किया गया, जिसके बाद अब शिमला के लिए पानी की पंपिंग का रास्ता साफ हो गया है।बिजली बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, सर्दियों के मौसम में बिजली की खपत अधिक होने के कारण सुबह और शाम के समय लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। हालांकि दोपहर और रात के समय वोल्टेज सामान्य रहता है। ऐसे में अब इन्हीं समयों में शकरोड़ी से शिमला के लिए पानी की पंपिंग की जाएगी, जिससे सतलुज का पानी आसानी से शहर तक पहुंच सकेगा।बताया गया कि 22 केवीए सब-स्टेशन से फिलहाल केवल दो पंप ही संचालित किए जाएंगे। इसके चलते प्रारंभिक चरण में करीब 12 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी ही शिमला को उपलब्ध कराया जा सकेगा। क्षमता बढ़ाने का काम अगले चरण में किया जाएगा।सोमवार को शिमला शहरी विधायक हरीश जनारथा ने शिमला जल प्रबंधन निगम के साथ इस परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में शिमला जल प्रबंधन निगम के प्रबंध निदेशक वीरेंद्र ठाकुर और बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता (एसई) भी मौजूद रहे। विधायक ने सतलुज का पानी शिमला पहुंचाने में हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए। इस पर जल प्रबंधन निगम के एमडी ने बताया कि लो वोल्टेज के कारण पंपिंग संभव नहीं हो पा रही थी, लेकिन सोमवार को टेस्टिंग सफल हो जाने के बाद अब यह समस्या समाप्त हो गई है।विधायक हरीश जनारथा ने स्पष्ट कहा कि सतलुज का पानी शिमला पहुंचाने में अब किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में 66 केवीए सब-स्टेशन को लेकर भी चर्चा हुई। बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में वन विभाग को रिमाइंडर भेज दिया गया है और विभाग से जल्द ही आवश्यक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।हरीश जनारथा ने कहा,इसी सप्ताह के अंत तक सतलुज का पानी शिमला पहुंचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। वोल्टेज की समस्या दूर हो चुकी है। अब दोपहर और रात के समय पंपिंग की जाएगी। फिलहाल 12 एमएलडी पानी शिमला लाया जाएगा, जबकि मार्च में इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी।छह महीने में बनेंगे 16 स्टोरेज टैंकसमीक्षा बैठक के दौरान शहर में स्टोरेज टैंक निर्माण को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। शिमला जल प्रबंधन निगम ने जानकारी दी कि शहर में कुल 16 नए स्टोरेज टैंक बनाए जाएंगे। इनमें से चार टैंकों के पंप तैयार हो चुके हैं और जल्द ही चार टैंकों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निगम का दावा है कि आने वाले छह महीनों के भीतर सभी 16 स्टोरेज टैंकों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा, जिससे शिमला की पेयजल भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
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