पंजाबी 21 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा ) पंजाब कैडर के 1989 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव Vijay Kumar Janjua की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार ने वर्ष 2009 के कथित रिश्वत मामले में उनके खिलाफ अभियोजन चलाने की स्वीकृति दे दी है। यह मामला उस समय का है जब जंजुआ उद्योग एवं वाणिज्य विभाग
में निदेशक-सह-सचिव के पद पर कार्यरत थे।विजिलेंस ब्यूरो ने 9 नवंबर 2009 को ट्रैप कार्रवाई करते हुए उन्हें कथित तौर पर दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ने का दावा किया था। शिकायतकर्ता तुलसी राम मिश्रा के अनुसार, उन्होंने अपने प्लॉट के साथ लगती खाली जमीन के आवंटन के लिए आवेदन किया था, जिसे तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया गया था। आरोप है कि इस कार्य को करवाने के बदले छह लाख रुपये की मांग की गई थी। इसी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
मामले में 2015 में मोहाली की विशेष अदालत ने जंजुआ को आरोपों से मुक्त कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 2016 में Punjab and Haryana High Court में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति Anupinder Singh Grewal ने टिप्पणी की थी कि यह आश्चर्यजनक है कि लंबित आपराधिक कार्यवाही के बावजूद अधिकारी उच्च पदों तक पहुंचे।अब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।