दैनिक खबरनामा । लेह, 23 :  केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले के चोगलमसर और स्टाकना क्षेत्र में देश के पहले हाई-एल्टीट्यूड फ्लावर फील्ड्स विकसित किए जाएंगे। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगी, बल्कि वैज्ञानिक फूलों की खेती के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंगलवार को चोगलमसर में उच्च हिमालयी फ्लावर फील्ड्स परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस अवसर पर मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

परियोजना के तहत पहली बार लद्दाख के किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से फूलों की खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बाद में इन फ्लावर फील्ड्स का संचालन सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सौंपा जाएगा, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय के स्थायी अवसर मिल सकेंगे।

उपराज्यपाल ने कहा कि यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जो किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ फ्लोरीकल्चर आधारित रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल फूलों की खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि लद्दाख में हरित अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास को एक साथ आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगी।

इको-टूरिज्म और ग्रीन इकोनॉमी का मॉडल बनेगा लद्दाख

विनय कुमार सक्सेना ने विश्वास जताया कि ये फ्लावर फील्ड्स भविष्य में हाई-एल्टीट्यूड फ्लोरीकल्चर, इको-टूरिज्म और ग्रीन इकोनॉमी के मॉडल केंद्र के रूप में विकसित होकर लद्दाख को नई पहचान देंगे। इससे युवाओं, किसानों और उद्यमियों को लाभकारी कृषि विकल्प उपलब्ध होंगे तथा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर लद्दाख कृषि विभाग और सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन बायोरिसोर्स टेक्नोलॉजी (आईएचबीटी) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत परियोजनाओं को वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा तथा आधुनिक तकनीकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आधारभूत ढांचे के विकास के माध्यम से फ्लोरीकल्चर को बढ़ावा दिया जाएगा।

लिलियम, ट्यूलिप और ग्लैडियोलस की होगी खेती

चोगलमसर में लगभग 92,687 वर्ग मीटर और स्टाकना स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ लद्दाख के कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विद्यालय में करीब 1.02 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फ्लावर फील्ड्स विकसित किए जाएंगे।

चोगलमसर का फ्लावर गार्डन देश के सबसे बड़े संगठित हाई-एल्टीट्यूड फ्लोरीकल्चर पार्कों में शामिल होगा। यहां लिलियम, ग्लैडियोलस, ट्यूलिप सहित कई उच्च मूल्य वाले सजावटी फूलों की खेती की जाएगी, जिनकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी मांग है।

यह पार्क स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए मनोरंजन, प्रकृति दर्शन और शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र भी बनेगा। वहीं, स्टाकना फ्लोरीकल्चर परियोजना का उद्देश्य वैज्ञानिक फूलों की खेती को बढ़ावा देकर देश के प्रमुख बाजारों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कट-फ्लावर का उत्पादन करना है।

इस पहल को लद्दाख में रोजगार सृजन, कृषि विविधीकरण और सतत आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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