दैनिक खबरनामा। जम्मू, 9 अगस्त: जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने नया सर्कुलर जारी कर कहा है कि अब हर छात्र की हाजिरी दिन में दो बार लगेगी और डिजिटल रिकॉर्ड से पहले उसकी क्लास में मौजूदगी की शारीरिक जांच जरूरी होगी।
नए निर्देशों के मुताबिक शिक्षक पहले कक्षा में जाकर प्रत्येक विद्यार्थी को खुद देखेंगे। उनकी वास्तविक उपस्थिति की तस्दीक होने के बाद ही ‘जेके स्मार्ट अटेंडेंस’ ऐप पर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की जा सकेगी। बिना मौके पर जांच के सीधे डिजिटल एंट्री करने पर रोक लगा दी गई है।
विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे हर कक्षा के लिए अलग से मैनुअल रजिस्टर रखें। इसमें हाजिरी दो समय पर भरी जाएगी। पहली बार स्कूल शुरू होते समय और दूसरी बार छुट्टी होने से ठीक पहले। अगर मैनुअल और डिजिटल रिकॉर्ड में फर्क मिला तो स्कूल प्रमुख को तुरंत उसकी पड़ताल करनी होगी और सुधार के कदम उठाने होंगे।
सर्कुलर में संस्थान प्रमुखों को उपस्थिति के आंकड़ों की सटीकता की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें मैनुअल और डिजिटल दोनों रिकॉर्ड की समय-समय पर औचक जांच करनी होगी। इसके साथ ही क्लस्टर हेड, जोनल एजुकेशन ऑफिसर और चीफ एजुकेशन ऑफिसर को भी नियमित और अचानक निरीक्षण करने को कहा गया है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों में हाजिरी को लेकर असामान्य आंकड़े मिलेंगे उन्हें प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा। यदि किसी ने जानबूझकर हाजिरी में गड़बड़ी की तो इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना जाएगा और संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
यह व्यवस्था जम्मू-कश्मीर के सभी सरकारी स्कूलों पर तुरंत प्रभाव से लागू होगी।