चंडीगढ़ 7 जनवरी (जगदीश कुमार)पंजाब के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी राहत मिली है। चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को उन्हें डिफॉल्ट जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने यह फैसला इसलिए सुनाया क्योंकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) निर्धारित 60 दिनों की अवधि के भीतर चालान (चार्जशीट) दाखिल करने में विफल रही।सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश हुए वकील नरिंदर सिंह ने अदालत में दलील दी कि आय से अधिक संपत्ति जैसे गंभीर मामलों में 90 दिनों की कानूनी समय-सीमा लागू होती है। हालांकि अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और बचाव पक्ष की दलीलों से सहमति जताई।अदालत ने स्पष्ट किया कि चूंकि सीबीआई 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई, इसलिए आरोपी को कानून के तहत डिफॉल्ट बेल का अधिकार प्राप्त है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने पहले अपना आदेश सुरक्षित रखा और बाद में भुल्लर की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
60 दिन में चालान दाखिल न होने पर मिली राहतभुल्लर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एस.पी.एस. भुल्लर, युवराज धालीवाल और समरिता ने अदालत को बताया कि सीबीआई तय समय-सीमा में चालान पेश करने में असफल रही है। ऐसे में आरोपी को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत डिफॉल्ट जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए जमानत की अनुमति दे दी। जमानत से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और जमानती भी अदालत में पेश किए गए।
हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि हरचरण सिंह भुल्लर एक अन्य मामले में अभी जेल में ही रहेंगे, इसलिए इस केस में जमानत मिलने के बावजूद उनकी तत्काल रिहाई नहीं होगी।