उत्तर प्रदेश 10 जनवरी (दैनिक खबरनामा)बदायूँ पुलिस की साइबर टीम और थाना अलापुर पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए आमजन के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर एक बार फिर पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को लेकर परेशान नागरिकों के चेहरों पर उस समय खुशी लौट आई, जब उन्हें उनके कीमती मोबाइल वापस सौंपे गए।जानकारी के अनुसार, थाना अलापुर क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न स्थानों से गुम हुए मोबाइल फोन को लेकर नागरिकों द्वारा थाने और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बदायूँ पुलिस की साइबर टीम ने आधुनिक तकनीक और सर्विलांस की मदद से मोबाइल ट्रेस करने की कार्रवाई शुरू की। लगातार प्रयास और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी।पुलिस ने कुल 47 एंड्रायड मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है। बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सत्यापन के बाद सुपुर्द किए गए।मोबाइल वापस मिलने पर आवेदकों ने बदायूँ पुलिस, साइबर टीम और थाना अलापुर पुलिस का आभार व्यक्त किया। कई लोगों ने कहा कि मोबाइल में उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज, निजी तस्वीरें और जरूरी जानकारियां थीं, जिनके खो जाने से वे बेहद परेशान थे। मोबाइल वापस मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुमशुदा मोबाइल की बरामदगी के लिए साइबर सेल लगातार कार्य कर रही है और आमजन से अपील की कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।बदायूँ पुलिस के इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है और यह कार्रवाई पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

देहरादून में फर्जी पहचान का बड़ा नेटवर्क उजागर बांग्लादेशियों को ‘भारतीय’ बनाने वाले सी एस सी जांच के घेरे में

उत्तराखंड 12 जनवरी (अपनी खबरनामा) उत्तराखंड के देहरादून में बांग्लादेशी नागरिकों को…
Share to :

सीधी | 29 दिसंबर | अमित मिश्रा सीधी जिले के मझौली क्षेत्र अंतर्गत पांढ, ताला एवं मझौली धान खरीदी केंद्रों पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जबकि जिला कलेक्टर सीधी द्वारा उपार्जन केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए गए हैं और कई स्थानों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है, इसके बावजूद कुछ प्रभारी अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मझौली खरीदी केंद्र स्थित पांढ व ताला क्षेत्र का है, जहां उपार्जन केंद्र प्रभारी नियमों को ताक पर रखकर धान खरीदी कर रहे हैं। स्थानीय किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी को न तो किसी अधिकारी का डर है और न ही किसी कार्रवाई की परवाह। पूर्व में अधिकारियों द्वारा खरीदी केंद्र का निरीक्षण भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि निर्धारित 41 किलो की जगह 41 किलो 200 ग्राम तक धान भरवाया जा रहा है। इतना ही नहीं, नियमों के विपरीत धान की तौल और बोरा भराई का कार्य किसान स्वयं करने को मजबूर हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि अतिरिक्त धान भरवाने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है, लेकिन मजबूरी में वे इस व्यवस्था को सहन कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि कलेक्टर के सख्त निर्देशों और पूर्व निरीक्षण के बावजूद आखिर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी उपार्जन केंद्र प्रभारियों पर कब सख्त कार्रवाई करता है।

मध्यप्रदेश सीधी | 29 दिसंबर (जगदीश कुमार)सीधी जिले के मझौली क्षेत्र अंतर्गत…
Share to :

सादुलशहर में गौ-सेवा के साथ मनाया गया कांग्रेस जिलाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह कुन्नर का जन्मदिवस

सादुलशहर 3 जनवरी (दैनिक खबरनामा)कांग्रेस जिलाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह कुन्नर के जन्मदिवस के…
Share to :

स्लीपर बस यात्रियों के लिए बड़ी राहत अब सफर होगा पहले से ज्यादा सुरक्षित, गडकरी सरकार ने लागू किए सख्त नियम

नई दिल्ली 10 जनवरी (दैनिक खबरनामा)नई दिल्ली अगर आप अक्सर स्लीपर बसों…
Share to :