पंजाब 10 जनवरी(दैनिक खबरनामा)पंजाब में कड़ाके की ठंड के बावजूद बिजली की खपत में इस साल रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नवंबर और दिसंबर महीनों में बिजली की मांग में क्रमशः 5 प्रतिशत और 4 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कहीं अधिक है। बढ़ती खपत ने राज्य के बिजली प्रबंधन और सरकारी सब्सिडी व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है।बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ एवं इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल ने सरकार से अहम मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रोपड़ में 800-800 मेगावाट के दो सुपर क्रिटिकल यूनिट्स स्थापित नहीं किए गए, तो पंजाब को बाहर से महंगे दामों पर बिजली खरीदनी पड़ेगी। इससे न केवल उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा, बल्कि सरकार पर सब्सिडी का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में मुफ्त बिजली योजना और सर्दी के मौसम में हीटर व अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग से बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। यदि समय रहते उत्पादन क्षमता नहीं बढ़ाई गई, तो आने वाले समय में पंजाब को बिजली संकट और आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है।