पंजाब 15 जनवरी( दैनिक खबरनामा) पंजाब के 1,695 बाढ़ प्रभावित गांवों के किसान अब अपने पुराने फसल ऋण की तत्काल अदायगी किए बिना नया फसल ऋण ले सकेंगे। इसके साथ ही, पिछली खरीफ विपणन अवधि के दौरान लिए गए टर्म लोन पर उन्हें मोरेटोरियम (अदायगी में राहत) का लाभ भी मिलेगा।इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने क्षेत्र के सभी बैंकों को निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों से आर्थिक रूप से संकटग्रस्त किसानों को उसी गिरवी रखी गई भूमि पर, उसी वित्तीय सीमा (स्केल ऑफ फाइनेंस) के तहत नया फसल ऋण लेने में मदद मिलेगी, बशर्ते उनका ऋण खाता 28 अगस्त 2025 तक नियमित रहा हो। इस तिथि को आपदा/प्राकृतिक calamity की तिथि के रूप में चिन्हित किया गया है।30 सितंबर 2025 तक पंजाब में कुल 24.40 लाख फसल ऋण खाते थे, जिन पर किसानों द्वारा कुल 64,572.56 करोड़ रुपये का फसल ऋण लिया गया था।
पंजाब ने हाल के वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ों में से एक का सामना किया, जिसमें फतेहगढ़ साहिब को छोड़कर राज्य के 23 में से 22 जिलों में लगभग 4.27 लाख एकड़ भूमि पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। सबसे अधिक नुकसान अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, फाजिल्का और फिरोजपुर जिलों के किसानों को हुआ।