उत्तर प्रदेश 26 जनवरी 2026(दैनिक खबरनामा ) उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जिलाधिकारी IAS रविन्द्र कुमार इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं।वजह है तमसा नदी का पुनरोद्धार, जिसे उन्होंने जनभागीदारी और प्रशासनिक संकल्प से फिर से जीवन दे दिया। नए साल के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान की खुले दिल से सराहना करते हुए इसे सामूहिक प्रयासों की मिसाल बताया।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजमगढ़ से होकर गुजरने वाली तमसा नदी कभी क्षेत्र के जन-जीवन की धुरी हुआ करती थी, लेकिन समय के साथ प्रदूषण, गाद, कचरा और गंदगी के कारण इसका प्रवाह लगभग रुक सा गया था। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आम लोगों ने मिलकर नदी को पुनर्जीवित करने का जो संकल्प लिया, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।तमसा नदी कभी जीवनरेखा, फिर बनी समस्या
अयोध्या से निकलकर गंगा में समाहित होने वाली तमसा नदी ऐतिहासिक, पौराणिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वर्षों तक यह नदी आजमगढ़ और आसपास
के इलाकों के लिए जल, कृषि और जीवन का आधार बनी रही। लेकिन अतिक्रमण, प्रदूषण और लापरवाही के चलते इसका प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया।स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि नदी का अस्तित्व ही संकट में पड़ने लगा। जगह-जगह कूड़े के ढेर, गंदा पानी और गाद ने नदी की धारा को लगभग थाम दिया था।
अप्रैल 2025 में संभाला कार्यभार, बनाया नदी पुनर्जीवन को
मिशन अप्रैल 2025 में जब IAS रविन्द्र कुमार ने आजमगढ़ के जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला, तो उन्होंने प्रदेश सरकार की नदी पुनरोद्धार योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने तमसा नदी को पुनर्जीवित करने को अपना मिशन बना लिया।इसके तहत प्रशासन ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की, जिसमें शामिल थे:
नदी की गाद की सफाई कचरा और प्लास्टिक हटाने का अभियान
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जनजागरूकता कार्यक्रम सामाजिक संगठनों, छात्रों और स्वयंसेवकों की भागीदारी जनभागीदारी से बना आंदोलन, हजारों लोग जुड़े DM रविन्द्र कुमार की सबसे बड़ी उपलब्धि रही जनभागीदारी। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक योजना न बनाकर जन आंदोलन का रूप दिया। स्कूल-कॉलेज के छात्र, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं, ग्राम पंचायतें और आम नागरिक बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़े।साप्ताहिक सफाई अभियान, जागरूकता रैलियां, श्रमदान और स्थानीय स्तर पर बैठकें आयोजित की गईं। देखते ही देखते तमसा नदी का कायाकल्प होने लगा।PM मोदी ने की खुलकर सराहना मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कुछ लोग समाज की सामूहिक शक्ति से असंभव को संभव बना देते हैं। आजमगढ़ में तमसा नदी को नया जीवन देने का जो प्रयास हुआ है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणा है।”
प्रधानमंत्री की इस सराहना से न केवल जिले के प्रशासन का मनोबल बढ़ा, बल्कि पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह की लहर दौड़ गई।पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा तमसा नदी के पुनर्जीवन से केवल पर्यावरण ही नहीं सुधरेगा, बल्कि इससे स्थानीय पर्यटन, रोजगार और धार्मिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी। प्रशासन की योजना नदी किनारे हरित पट्टी विकसित करने, घाटों के सौंदर्यीकरण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की भी है।
IAS रविन्द्र कुमार बने प्रशासनिक नवाचार की मिसाल अपने कुशल नेतृत्व, दूरदर्शिता और जमीनी स्तर पर सक्रियता के चलते IAS रविन्द्र कुमार आजमगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में बेहतर प्रशासनिक मॉडल के रूप में उभर रहे हैं। तमसा नदी पुनरोद्धार अभियान उनकी इसी कार्यशैली का जीवंत उदाहरण है।