**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image received on Nov. 25, 2025, People attend the ‘Dhwajarohan’ ceremony at the Ram Temple, in Ayodhya, Uttar Pradesh. (PMO via PTI Photo)(PTI11_25_2025_000354B)

उत्तर प्रदेश 27 जनवरी 2026 (दैनिक खबरनामा ) उत्तर प्रदेश अयोध्या। राम जन्मभूमि परिसर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और पूजा-अर्चना की विस्तृत व्यवस्थाओं को देखते हुए प्रशासन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। राम मंदिर में जल्द ही करीब 50 नए पुजारियों की भर्ती की जाएगी, ताकि मंदिर परिसर और उप-मंदिरों में पूजा और दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, व्यवस्थित एवं सुचारु बनाया जा सके।सूत्रों के अनुसार यह पूरी भर्ती प्रक्रिया उप-मंदिरों में नियमित दर्शन शुरू होने से पहले पूरी करने की योजना है, जिससे श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के निर्बाध दर्शन और पूजा अर्चना का लाभ मिल सके।श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से बढ़ी पुजारियों की जरूरत राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। इसी के चलते पूजा-अर्चना, आरती, विशेष अनुष्ठान और धार्मिक आयोजनों का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मौजूदा पुजारियों पर कार्यभार अत्यधिक बढ़ गया है, जिसे संतुलित करने के लिए अतिरिक्त पुजारियों की नियुक्ति अनिवार्य हो गई है।वैदिक परंपराओं में पारंगत होंगे चयनित पुजारी भर्ती प्रक्रिया के तहत उन्हीं पुजारियों का चयन किया जाएगा जो वैदिक परंपराओं, कर्मकांड, मंत्रोच्चारण और सनातन धार्मिक विधियों में दक्ष होंगे। चयनित पुजारियों को राम मंदिर की मर्यादा, अनुशासन और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि पूजा-पद्धति की शुद्धता और गरिमा बनी रहे।वर्तमान में 20 पुजारियों पर है व्यापक जिम्मेदारी फिलहाल राम मंदिर परिसर में कुल 20 पुजारी कार्यरत हैं, जिन पर रामलला और राम दरबार के अलावा शेषावतार मंदिर, परकोटे के छह मंदिरों, यज्ञमंडप, सप्त मंडपम तथा कुबेर टीला स्थित कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी है। सीमित संख्या में पुजारियों के चलते पूजा व्यवस्था को तीन शिफ्टों में संचालित करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।उप-मंदिरों में नियमित दर्शन शुरू करने की तैयारी राम मंदिर और राम दरबार के अतिरिक्त सात उप-मंदिरों में भी नियमित दर्शन शुरू करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इसके लिए सुबह और शाम की दोनों पालियों में, तीन शिफ्टों के तहत 42 पुजारियों की आवश्यकता बताई जा रही है, जो प्रतिदिन आठ से दस घंटे तक अपनी सेवाएं दे सकें।सप्त मंडपम और कुबेर टीला के लिए अलग से 8 पुजारी
इसके अलावा सप्त मंडपम और कुबेर टीला क्षेत्र में सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक पूजा-अर्चना के लिए 8 अतिरिक्त पुजारियों की आवश्यकता है। इस प्रकार कुल मिलाकर कम से कम 50 नए पुजारियों की तत्काल भर्ती आवश्यक मानी जा रही है।दर्शन व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम नए पुजारियों की नियुक्ति से न केवल पूजा व्यवस्था और अधिक व्यवस्थित होगी, बल्कि श्रद्धालुओं को लंबी कतारों और समय की असुविधा से भी राहत मिलेगी। साथ ही मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियों को और अधिक भव्य, अनुशासित एवं आध्यात्मिक बनाने की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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