उत्तर प्रदेश 28 जनवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) उत्तर प्रदेश के मित्रपुरा स्थित विद्यालय से जुड़ी खबर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया और प्राथमिक जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) तथा खंड शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) स्वयं विद्यालय पहुंचकर हालात का जायजा लिया।बताया जा रहा है कि पूर्व में जारी आदेशों के बावजूद राबाउमावि (राजकीय बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय) को एक जर्जर और असुरक्षित भवन में संचालित कर दिया गया था। यह स्थिति राउमावि (राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय) की प्रिंसिपल की कथित हठधर्मिता के चलते बनी, जिसके कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।हालांकि संयुक्त निदेशक स्तर से स्पष्ट आदेश दिए गए थे कि विद्यालय को राउमावि के भवन में ही संचालित किया जाए, लेकिन ये आदेश लंबे समय तक सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहे और जमीनी स्तर पर उन पर अमल नहीं हुआ। परिणामस्वरूप विद्यालय को दूसरी जगह संचालित किया जा रहा था, जो नियमों और सुरक्षा मानकों के खिलाफ था।मामले के मीडिया में उजागर होते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया। डीईओ और सीबीईओ ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद स्टाफ से पूरी जानकारी ली। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसी भी सूरत में राबाउमावि को जर्जर भवन में संचालित नहीं किया जाएगा।अधिकारियों ने मौके पर ही आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि अब राबाउमावि का संचालन राउमावि के भवन में ही किया जाएगा और पूर्व में दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।इस फैसले से अभिभावकों और छात्रों ने राहत की सांस ली है। वहीं,यह मामला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और आदेशों के अनुपालन को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है, जिन पर अब विभागीय स्तर पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।