दैनिक खबरनामा 25 मार्च 2026 भारत ने एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन से जुड़े न्यायिक फैसले पर पाकिस्तान की टिप्पणी को सिरे से खारिज करते हुए उसे कड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को निराधार और भ्रामक बयानबाजी करने के बजाय अपने देश में हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों पर ध्यान देना चाहिए।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि भारत का न्यायिक तंत्र स्वतंत्र, पारदर्शी और कानून के शासन पर आधारित है। ऐसे में किसी भी बाहरी टिप्पणी का कोई महत्व नहीं है, खासकर तब जब वह देश खुद आतंकवाद को पनाह देने और मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों से घिरा हो।MEA ने यह भी दोहराया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम करता है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाती। मंत्रालय ने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह पहले अपने आंतरिक हालात सुधारने पर ध्यान दे, बजाय इसके कि भारत के आंतरिक मामलों में अनावश्यक दखल दे।भारत के इस सख्त रुख को कूटनीतिक स्तर पर एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि आतंकवाद और उससे जुड़े मामलों पर देश किसी भी तरह के दबाव या बाहरी टिप्पणी को स्वीकार नहीं करेगा।