चंडीगढ़ 16 फरवरी 2026 (जगदीश कुमार) चंडीगढ़ केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ में वेस्ट-टू-एनर्जी (कचरे से ऊर्जा) परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने लोकसभा में चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी द्वारा उठाए गए मुद्दे के जवाब में दी। सांसद ने नियम 377 के तहत दादूमाजरा स्थित कूड़ा डंपिंग ग्राउंड के निस्तारण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की आवश्यकता का मुद्दा उठाया था।अपने जवाब में मंत्री ने बताया कि चंडीगढ़ यूटी प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार दादूमाजरा डंप साइट पर पड़े 5.10 लाख मीट्रिक टन (एमटी) पुराने कचरे का निस्तारण (बायो-रिमेडिएशन) किया जा चुका है। वहीं, लगभग 55,000 मीट्रिक टन अपशिष्ट कचरे का वर्तमान में निस्तारण किया जा रहा है। प्रशासन ने भविष्य में कचरे के ढेर दोबारा न लगें, इसके लिए पर्याप्त प्रोसेसिंग सुविधाएं स्थापित करने का आश्वासन दिया है।
मंत्री ने यह भी बताया कि स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 (SBM-U 2.0) के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नगर निगम ठोस कचरे के 100% वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके अंतर्गत वेस्ट-टू-कंपोस्ट, वेस्ट-टू-एनर्जी, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF), निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरा प्रसंस्करण और बायो-मीथनेशन प्लांट जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।चंडीगढ़ ने 7.67 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे के निस्तारण के लिए 42.18 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तुत की थी, जिसमें 28.50 करोड़ रुपये की केंद्रीय हिस्सेदारी है। इस परियोजना को भी मंजूरी मिल चुकी है।सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि संसद में उनके लगातार प्रयासों से दादूमाजरा कचरा ढेर को हटाने और स्थल के बायो-रिमेडिएशन की दिशा में प्रगति हो रही है।