हरियाणा 15 मार्च 2026( दैनिक खबरनामा ) हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारियों ने साल 2025 के लिए अपनी अचल संपत्तियों का ब्यौरा केंद्र सरकार को सौंप दिया है। एक जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार दिए गए इस विवरण में कृषि भूमि, फ्लैट, प्लॉट और व्यावसायिक संपत्तियों की जानकारी शामिल है। सामने आए आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य के कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के पास करोड़ों रुपये की संपत्तियां हैं और इनसे उन्हें हर साल लाखों रुपये किराये के रूप में आय भी हो रही है। अधिकारियों की अधिकतर संपत्तियां गुरुग्राम, मोहाली और पंचकूला जैसे शहरों में स्थित हैं।हालांकि कुछ आईएएस ऐसे भी हैं, जिनका संपत्ति ब्यौरा सार्वजनिक नहीं हुआ है, जिनमें मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी भी शामिल हैं। वहीं कई अधिकारियों ने अपनी संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य भी नहीं बताया है। 2024 और 2025 के कुल 11 आईएएस ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी अचल संपत्ति शून्य बताई है। केंद्र सरकार ने दिसंबर में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर आईएएस अधिकारियों से 31 जनवरी तक संपत्ति का विवरण देने को कहा था। ऐसा न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और पदोन्नति पर असर की चेतावनी भी दी गई थी।संपत्ति के मामले में गृह सचिव सुधीर राजपाल के पास करीब 12.90 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें गुरुग्राम, दिल्ली और कोलकाता में फ्लैट व प्लॉट शामिल हैं और उनसे उन्हें सालाना लाखों रुपये किराया मिलता है। स्वास्थ्य सचिव सुमिता मिश्रा के पास लगभग 7.26 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जबकि मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अरुण गुप्ता के पास करीब 16.25 करोड़ रुपये की संपत्तियां दर्ज हैं।इसके अलावा ए.के. सिंह, विनीत गर्ग, दीप्ति उमाशंकर और डी. सुरेश समेत कई अन्य आईएएस अधिकारियों के पास भी विभिन्न शहरों में जमीन, फ्लैट और कृषि भूमि हैं। वहीं 1991 बैच की आईएएस जी. अनुपमा ने अपने संपत्ति विवरण में कोई भी अचल संपत्ति न होने की जानकारी दी है।