पंजाब 28 जनवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) पंजाब में मानवाधिकार उल्लंघनों की प्रभावी निगरानी और त्वरित समाधान के उद्देश्य से पंजाब मानवाधिकार आयोग (पीएचआरसी) द्वारा राज्य के प्रत्येक ज़िले में 15 सदस्यों
का एक कोर ग्रुप गठित किया जाएगा। यह जानकारी पंजाब मानवाधिकार आयोग के सदस्य एवं पद्म श्री सम्मानित डॉ. जितेंद्र सिंह शंटी ने ज़ीरकपुर में आयोजित मानवाधिकार जागरूकता सेमिनार के दौरान दी।डॉ.शंटी जैक रेज़िडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी द्वारा एक स्थानीय होटल में आयोजित मानवाधिकार जागरूकता सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यह कोर ग्रुप ज़िला स्तर पर मानवाधिकार उल्लंघनों की निगरानी करेगा तथा छोटी शिकायतों के समाधान में ज़िला प्रशासन और मानवाधिकार आयोग की सहायता करेगा। कोर ग्रुप के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 4 फरवरी निर्धारित की गई है, जबकि पात्रता एवं आवेदन पत्र पंजाब मानवाधिकार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।उन्होंने मानवाधिकार उल्लंघनों से संबंधित शिकायतों के त्वरित निपटारे हेतु व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9855475547 जारी किए जाने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को स्थानीय प्रशासन द्वारा परेशान किया जाता है, तो वह सीधे इस हेल्पलाइन के माध्यम से आयोग तक अपनी शिकायत पहुँचा सकता है।स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मानवाधिकारों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. शंटी ने स्पष्ट किया कि किसी भी अस्पताल द्वारा इलाज का भुगतान बकाया होने के आधार पर मृतक का शव परिजनों को सौंपने से इनकार नहीं किया जा सकता। यह राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिजनों से घोषणा-पत्र लेकर शव सौंपें। इसी तरह, यदि कोई मरीज उपचार शुल्क चुकाने में असमर्थ हो, तो बैंक चेक एवं हलफनामा लेकर उपचार के बाद उसे घर भेजा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक अस्पताल में उपचार शुल्क का विवरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना अनिवार्य है।डॉ.शंटी ने कहा कि पहले मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघनों को भी अक्सर अनदेखा कर दिया जाता था, लेकिन मानवाधिकार आयोगों के गठन से अब जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों की अनदेखी करना या आवासीय सोसाइटी द्वारा किए गए वादों को पूरा न करना भी मानवाधिकार उल्लंघन की श्रेणी में आता है, जिन पर आयोग स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) ले सकता है।उन्होंने बताया कि अब तक 9 ज़िलों का दौरा कर जागरूकता अभियान चलाया जा चुका है और मार्च माह तक पंजाब के सभी 23 ज़िलों का दौरा किया जाएगा।सेमिनार के पश्चात डॉ. शंटी ने नगर परिषद कार्यालय, ज़ीरकपुर में ज़िला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में एडीसी (जनरल) सुश्री गीतिका सिंह, एसपी (मुख्यालय) मोहित अग्रवाल, एसडीएम डेराबस्सी अमित गुप्ता, मुख्यमंत्री के फील्ड अधिकारी गुरमीत सिंह सोही, सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन, ईओ पलविंदर सिंह भट्टी तथा रोपड़ जेल अधीक्षक हरजोत सिंह कलेर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।डॉ.शंटी ने अधिकारियों को जनता की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने तथा शिकायतकर्ताओं के मानवाधिकारों की रक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों से सफाई कर्मचारियों के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और उनकी बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने की अपील की।अंत में उन्होंने जैक रेज़िडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता सेमिनार समाज को मानवाधिकारों के प्रति सजग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।