चंडीगढ़ 8 मार्च 2026 (दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़ प्राइवेट सेक्टर के बैंक IDFC First Bank की चंडीगढ़ शाखा में करीब 590 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। बैंक ने इस संबंध में नियामकीय खुलासा करते हुए बताया कि अनधिकृत और संदिग्ध लेनदेन में बैंक के कुछ कर्मचारियों के साथ अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं की संलिप्तता की आशंका है।
बैंक ने Securities and Exchange Board of India (SEBI) के लिस्टिंग नियमों के तहत जारी एक फाइलिंग में बताया कि यह मामला हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों से संबंधित हो सकता है। फिलहाल बैंक ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह कथित धोखाधड़ी कैसे हुई और इसमें कौन-कौन शामिल है।बैंक के मुताबिक इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है। साथ ही संदिग्ध खातों में मौजूद राशि को सुरक्षित रखने के लिए कुछ लाभार्थी बैंकों को रिकॉल अनुरोध भेजे गए हैं, ताकि संबंधित खातों में उपलब्ध बैलेंस पर रोक लगाई जा सके।
यह मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद कर राशि दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। इस प्रक्रिया के दौरान बैंक को अनुरोध में बताई गई राशि और खाते में मौजूद वास्तविक बैलेंस के बीच अंतर दिखाई दिया।इसके बाद 18 फरवरी 2026 से हरियाणा सरकार से जुड़े अन्य विभागों ने भी अपने खातों के संबंध में बैंक से संपर्क किया। इन मामलों में भी बैंक के रिकॉर्ड और विभागों द्वारा बताई गई राशि में अंतर पाया गया।प्रारंभिक जांच में बैंक ने कहा है कि यह मामला फिलहाल चंडीगढ़ शाखा के जरिए संचालित हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों तक ही सीमित प्रतीत होता है और शाखा के अन्य ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। इन खातों में कुल करीब 590 करोड़ रुपये की राशि का मिलान किया जा रहा है।