चंडीगढ़ 29 जनवरी 2026 (जगदीश कुमार) चंडीगढ़ पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताते हुए कहा है कि इसके कारण पारिवारिक रिश्तों में दूरी बढ़ रही है और बच्चे परिवार के भीतर ही उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका सीधा असर बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
राज्यपाल कटारिया मंगलवार को चंडीगढ़ में स्कूली छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘प्रोजेक्ट साथी’ पहल के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय परिवार परंपरागत रूप से भावनात्मक सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार रहे हैं, जहां त्योहारों और दैनिक जीवन में सभी सदस्य एक-दूसरे से जुड़े रहते थे।
राज्यपाल ने कहा,आज मोबाइल फोन और सोशल मीडिया ने परिवारों के भीतर भी दूरी पैदा कर दी है। बच्चे अनदेखे हो रहे हैं और यही उपेक्षा उनके मानसिक तनाव और भावनात्मक असंतुलन का कारण बन रही है।‘प्रोजेक्ट साथी’ एक समग्र कल्याण पहल है, जिसे स्कूल शिक्षा विभाग और चंडीगढ़ सिटिज़न्स फाउंडेशन (CCF) के संयुक्त सहयोग से शुरू किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के छात्रों में बढ़ रही मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का प्रारंभिक स्तर पर समाधान करना है। इसके तहत जीवन कौशल शिक्षा, योग, ध्यान, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और सामुदायिक गतिविधियों को शामिल किया गया है।राज्यपाल कटारिया ने इस पहल को समय की आवश्यकता, नवोन्मेषी और सामाजिक रूप से अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि संकट के बाद इलाज करने की बजाय मानसिक मजबूती और भावनात्मक संतुलन पर पहले से काम करना अधिक प्रभावी है।इस अवसर पर सीसीएफ के अध्यक्ष सेवानिवृत्त जनरल वी. पी. मलिक ने बताया कि चंडीगढ़ सिटिज़न्स फाउंडेशन एक सहयोगात्मक मंच के रूप में कार्य करता है, जहां 225 से अधिकविशेषज्ञ 12 विषय-आधारित समूहों में सामाजिक परियोजनाओं को डिजाइन और लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन सरकार को नीतिगत सुझाव देने वाले थिंक-टैंक के रूप में भी कार्य करता है।कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले वर्षों में यह एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन सकती है।