पंजाब 13 मार्च 2026 ( दैनिक खबरनामा ) मोहाली की अदालत ने आतंकी संगठन खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स (KLF) से जुड़े दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं और मामले में अभी कई महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही बाकी है। ऐसे में आरोपियों को जमानत देने से वे सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं, इसलिए इस चरण में जमानत देना उचित नहीं है।आरोपी गुरदासपुर के रहने वाले मामले में आरोपी सागर मसीह उर्फ राजा और आशीष उर्फ गोपी गुरदासपुर के कोटला और घौट गांव के निवासी हैं। दोनों के खिलाफ साल 2023 में केस दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से हथियार भी बरामद किए थे।2023 में दर्ज हुआ था केस स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) मोहाली ने जुलाई 2023 में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोपियों पर आईपीसी की धारा 120B, 153, 153A, आर्म्स एक्ट की धारा 25(7) और 25 तथा यूएपीए एक्ट की धारा 17, 18 और 20 के तहत केस दर्ज है।गिरफ्तारी के दौरान आशीष उर्फ गोपी से एक 32 बोर पिस्तौल और 3 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे, जबकि सागर मसीह से एक 32 बोर पिस्तौल, 2 कारतूस और KLF के 15 पर्चे मिले थे।
दो लाख रुपए में दिया गया था काम पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी अलगाववादी विचारधारा से प्रभावित होकर राज्य में भय और तनाव का माहौल बनाना चाहते थे। इनके निशाने पर हिंदू समाज, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और राजनेता थे। इस काम के लिए आरोपियों को करीब 2 लाख रुपए दिए गए थे।पूछताछ में सामने आए अन्य नाम पुलिस पूछताछ में आशीष गोपी ने खुलासा किया कि उसे यह रकम हरजीत सिंह ने दी थी। पुलिस ने हरजीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि हरजीत सिंह ने 68 हजार रुपए अमरिंदर सिंह को दिए थे, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।