पंजाब 14 मार्च 2026 (जगदीश कुमार) पंजाब इन्वेस्टर्स समिट के दौरान “हैंड एंड मशीन टूल्स, पावर टूल्स” विषय पर आयोजित सत्र में पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन, जल आपूर्ति व स्वच्छता तथा आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने टूल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्पादकता बढ़ाने, गुणवत्ता मानकों को मजबूत करने और लागत नियंत्रण पर विशेष जोर दिया। यह सत्र “स्ट्रेंथनिंग द फैक्ट्री फ्लोर: प्रोडक्टिविटी, क्वालिटी एंड कॉस्ट कंट्रोल इन टूल मैन्युफैक्चरिंग” थीम के तहत प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया।कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों, विशेषज्ञों और पैनल सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को नई दिशा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने उद्योग विभाग द्वारा आयोजित इस समिट को उद्योग और नीति निर्माताओं के बीच सार्थक संवाद का महत्वपूर्ण मंच बताया।उन्होंने कहा कि हैंड टूल्स, मशीन टूल्स और पावर टूल्स सेक्टर भारत की विनिर्माण अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ है, जो ऑटोमोबाइल, निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों को महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि पंजाब के जालंधर और लुधियाना के औद्योगिक क्लस्टर देश के हैंड टूल्स निर्यात में लगभग 80 प्रतिशत योगदान देते हैं, जहां करीब 1200 औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं।मंत्री ने कहा कि फोर्जिंग, मशीनिंग, हीट ट्रीटमेंट और प्रिसिजन इंजीनियरिंग में पंजाब की विशेषज्ञता, मंडी गोबिंदगढ़ का स्टील क्लस्टर, कुशल श्रम शक्ति और मजबूत एमएसएमई नेटवर्क इस क्षेत्र को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। वैश्विक प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए उन्होंने ऑटोमेशन, सीएनसी मशीनिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग और इंडस्ट्री 4.0 जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशक मोनीश कुमार ने उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग, स्किल आधारित प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और तकनीकी संस्थानों में रोबोटिक्स व सीएनसी मशीनों जैसी आधुनिक तकनीक शामिल करने की जरूरत बताई।सत्र के दौरान उद्योग प्रतिनिधि अश्वनी कुमार, बिन्नी गुप्ता और मेजर सिंह ने नवाचार, लागत अनुकूलन, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उत्पादन में होने वाली बर्बादी को कम करने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।