पंजाब 14 मार्च 2026 (जगदीश कुमार) प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट के दौरान “फ्रॉम पार्ट्स टू प्लेटफॉर्म्स पंजाब्स नेक्स्ट जेन साइकल्स फॉर ग्लोबल मार्केट्स” विषय पर आयोजित “बाइसिकल्स एंड ई-बाइक्स” सत्र में उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं ने कहा कि नीति स्थिरता, तकनीकी उन्नयन और मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम पंजाब के साइकिल उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।एवन साइकिल्स के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर ओंकार सिंह पाहवा ने कहा कि पंजाब में लगातार बेहतर होता व्यापारिक माहौल उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि स्पष्ट समय-सीमा, डिजिटल अनुमोदन प्रणाली और कम होती प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण उद्यमियों को नवाचार और विस्तार पर ध्यान देने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन का विस्तार, कम अनुपालन बोझ और सिंगल पॉइंट रजिस्ट्रेशन जैसे कदम निवेश को रोजगार, निर्यात और औद्योगिक उत्पादन में तेजी से बदलने में मदद करेंगे।
उन्होंने बताया कि पंजाब का साइकिल उद्योग मजबूत विरासत के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य में 4000 से अधिक एमएसएमई कंपोनेंट निर्माता और 100 से ज्यादा मध्यम व बड़े साइकिल निर्माता हर साल करीब 22 लाख साइकिलों का उत्पादन करते हैं। इससे भारत विश्व के सबसे बड़े साइकिल उत्पादक देशों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में कच्चे माल और कंपोनेंट निर्माण की मजबूत क्षमता के साथ विश्वस्तरीय टायर निर्माण भी उद्योग को मजबूती देता है।
राल्सन इंडिया के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर संज़ीव पाहवा ने साइकिल उद्योग के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजादी के बाद लुधियाना सस्ती और सुलभ परिवहन व्यवस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा। उन्होंने कहा कि 1970 और 1980 के दशक में स्वदेशी तकनीक और उद्योगों के सहयोग से टायर-ट्यूब निर्माण उद्योग का तेजी से विकास हुआ, जो आज घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जरूरतों को पूरा कर रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि बदलते परिवहन साधनों और बढ़ती आय के कारण साइकिल अब केवल आवागमन का साधन नहीं रही। इसलिए उद्योग को खुद को नए रूप में पेश करना होगा। उन्होंने साइकिल को खेल, फिटनेस, मनोरंजन और पर्यावरण अनुकूल शहरी परिवहन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही प्रीमियम उत्पाद, अनुसंधान एवं विकास, उन्नत सामग्री और मजबूत सप्लाई चेन में निवेश की आवश्यकता बताई।हारटेक्स रबर के निदेशक वरुण सुरेका ने कहा कि पंजाब का सहयोगी व्यावसायिक माहौल, मजबूत विनिर्माण ढांचा और उद्योगों के बीच सहयोग इसे निवेश के लिए आकर्षक बनाता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन में हो रहे बदलाव भारत के लिए नए अवसर लेकर आए हैं, खासकर तब जब यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाजार विश्वसनीय आपूर्ति स्रोतों की तलाश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि भविष्य में साइकिल उद्योग का विकास उच्च सटीक इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक एकीकरण और मानकों के अनुरूप उत्पादन पर आधारित होगा। इसके लिए उन्नत मशीनरी, अनुशासित उत्पादन प्रक्रिया और कुशल मानव संसाधन बेहद आवश्यक होंगे।कार्यक्रम के अंत में खाद्य प्रसंस्करण विभाग की प्रमुख सचिव राखी गुप्ता भंडारी ने उद्योग विशेषज्ञों का धन्यवाद करते हुए कहा कि नीति समर्थन, कौशल विकास, सुरक्षा मानकों और प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान देकर इस क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए डिजाइन नवाचार, तकनीक अपनाने और पर्यटन व मनोरंजन के लिए साइकिलिंग जैसे नए क्षेत्रों पर भी ध्यान देना जरूरी है।उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि लोग, प्रक्रिया और उत्पाद की क्षमताओं को जोड़कर एक मजबूत प्लेटफॉर्म इकोसिस्टम तैयार किया जाए, ताकि पंजाब को अगली पीढ़ी के साइकिल समाधानों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा