शिमला 5 जनवरी ( दैनिक खबरनामा) हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (RERA) का कार्यालय शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने के राज्य सरकार के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने इस निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार करते हुए कार्यालय स्थानांतरण पर लगाई गई अंतरिम रोक को फिलहाल जारी रखने का आदेश दिया है।मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि RERA एक छोटा वैधानिक संस्थान है, जहां सीमित संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए था कि वह कम स्टाफ वाले वैधानिक निकाय पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय बड़े और अधिक संसाधन वाले सरकारी कार्यालयों के स्थानांतरण पर विचार करे।अदालत ने यह भी संकेत दिया कि इस तरह के फैसले लेने से पहले प्रशासनिक सुविधा, कर्मचारियों की दिक्कतों और आम लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जाना जरूरी है। कोर्ट के अनुसार, बिना पर्याप्त कारण और ठोस आधार के किसी वैधानिक प्राधिकरण का स्थान बदलना उचित नहीं ठहराया जा सकता।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि RERA कार्यालय का शिमला से धर्मशाला स्थानांतरण न केवल कर्मचारियों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि रियल एस्टेट से जुड़े हितधारकों और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है और स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक RERA कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। मामले की आगे की सुनवाई निर्धारित तिथि पर की जाएगी।