नई दिल्ली 28 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा ) नई दिल्ली। दिल्ली की चर्चित एक्साइज पॉलिसी मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को सीबीआई की चार्जशीट को पूरी तरह खारिज कर दिया। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को आरोप तय करने से इनकार करते हुए बरी कर दिया। अदालत ने अपने 598 पन्नों के आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष आपराधिक मुकदमे की बुनियादी शर्तें भी पूरी नहीं कर पाया।कोर्ट ने सीबीआई की जांच को “पूर्वनिर्धारित दिशा में बढ़ती हुई” बताया और कहा कि नीति निर्माण व क्रियान्वयन से जुड़े लगभग हर व्यक्ति को आरोपित कर एक कमजोर कहानी को विश्वसनीय दिखाने की कोशिश की गई। आदेश में स्पष्ट किया गया कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री से किसी बड़ी आपराधिक साजिश का ठोस प्रमाण नहीं मिलता। अदालत ने यह भी कहा कि अनुमान और धारणाओं के आधार पर नहीं, बल्कि निष्पक्ष और प्रामाणिक साक्ष्यों के आधार पर ही मुकदमा दायर किया जाना चाहिए।
मामले की शुरुआत 2022 में हुई थी, जब सीबीआई ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी 2021-22 में कथित अनियमितताओं की जांच शुरू की थी। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि नीति में बदलाव कर निजी कारोबारियों को लाभ पहुंचाया गया और 12 प्रतिशत थोक मार्जिन रिश्वत के रूप में साझा किया गया। मुख्य चार्जशीट और चार पूरक चार्जशीटों में कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
फैसले में अदालत ने जांच अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे, जबकि अरविंद केजरीवाल दो चरणों में 156 दिन हिरासत में रहे।फैसले के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे “सत्य की जीत” बताया है। जानकारी के अनुसार, केजरीवाल और सिसोदिया पार्टी नेताओं के साथ दिल्ली के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।