चंडीगढ़ 15 मार्च 2026 ( दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित अनाज, फल एवं सब्जी मंडी में सफाई व्यवस्था और प्रबंधन में पाई गई गंभीर कमियों के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। निरीक्षण के दौरान खामियां सामने आने पर मंडी से जुड़े एक कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी गईं, जबकि दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा मंडी में सफाई का जिम्मा संभाल रही निजी कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शनिवार को सेक्टर-26 मंडी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडी की कार्यप्रणाली, प्रबंधन और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था और प्रबंधन में लापरवाही सामने आई।निरीक्षण के बाद लोक भवन में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें निरीक्षण के दौरान ली गई तस्वीरें और वीडियो अधिकारियों को दिखाए गए और स्थिति में सुधार के लिए तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
कार्रवाई के तहत स्वच्छता कार्य के लिए जिम्मेदार आउटसोर्स कर्मचारी हरविंदर कुमार (सेनेटेशन इंस्पेक्टर) की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं राज कुमार (ऑक्शन रिकॉर्डर) और मदन लाल (मार्केट कमेटी कर्मचारी) को निलंबित कर दिया गया है। मंडी में सफाई का काम संभाल रही कंपनी एम/एस दक्ष डिटेक्टिव एंड सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर सेवा स्तर समझौते की शर्तों का पालन न करने के कारण 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही कंपनी को स्वच्छता टेंडर रद्द करने को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।इसके अलावा मंडी सुपरवाइजर गुरमिंदर सिंह, ऑक्शन रिकॉर्डर करमबीर सिंह और कंडा मैन धीरज कुमार को भी लापरवाही के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंडी में विक्रेताओं और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और व्यवस्था सुधारने के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।