हिमाचल प्रदेश 14जनवरी (दैनिक खबरनामा) हिमाचल प्रदेश हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ हुई बैठक में हिमाचल प्रदेश की कई अहम विकास परियोजनाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने अनौपचारिक बातचीत में खुलासा किया कि बैठक के दौरान भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी ब्रॉडगेज रेलवे लाइन और बद्दी-चंडीगढ़ रेलवे लाइन परियोजना पर केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक सहयोग की मांग की गई है।राजेश धर्माणी ने बताया कि वह इस बैठक में प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए थे। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि आगामी केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाई जाए, क्योंकि प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र से उदार आर्थिक पैकेज देने की भी मांग रखी गई।प्रदेश पर बढ़ता वित्तीय बोझमंत्री ने बैठक में तथ्यों के साथ बताया कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेलवे लाइन और बद्दी-चंडीगढ़ रेलवे परियोजना में प्रदेश सरकार को लगभग 38 प्रतिशत तक खर्च वहन करना पड़ रहा है। इसके अलावा कांगड़ा हवाई पट्टी के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण पर भी प्रदेश सरकार को 50 प्रतिशत खर्च उठाना पड़ रहा है।उन्होंने यह भी बताया कि ऊना में बल्क ड्रग पार्क के निर्माण का वित्तीय भार भी प्रदेश सरकार पर ही है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।केंद्र से पूरा खर्च उठाने की मांग
राजेश धर्माणी ने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार से यह मांग की गई है कि प्रदेश में चल रही सभी बड़ी और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं का पूरा खर्च केंद्र सरकार स्वयं वहन करे, ताकि राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ कम हो और विकास कार्य तेजी से पूरे किए जा सकें।