चंडीगढ़ 20 जनवरी( जगदीश कुमार) चंडीगढ़ दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर अब चंडीगढ़ में भी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का सपना साकार होता दिख रहा है। सीमित भूमि और लगातार बढ़ती आवासीय जरूरतों को देखते हुए यूटी प्रशासन ने शहर में ऊंची इमारतों के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने मल्टी स्टोरी बिल्डिंग और फ्लोर एरिया रेश्यो (FAR) बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है।
यदि केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है, तो चंडीगढ़ के नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में ऊंची-ऊंची इमारतें नजर आएंगी। प्रस्ताव में शहर के नए आवासीय क्षेत्रों में होरिजोंटल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार, शहर के दक्षिणी इलाकों में रेजिडेंशियल जोन के लिए FAR बढ़ाने की तैयारी है, ताकि कम जमीन में अधिक मकानों का निर्माण किया जा सके।इस अहम प्रस्ताव को लेकर यूटी के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB), एस्टेट ऑफिस, इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा की। प्रशासन का मानना है कि मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनने से आम लोगों को फ्लैट्स के अधिक विकल्प मिलेंगे और फ्लोर-वाइज प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।सेक्टर-53 बनेगा मॉडल हाउसिंग प्रोजेक्टप्रशासन की योजना के अनुसार, सेक्टर-53 में प्रस्तावित नया हाउसिंग प्रोजेक्ट इस नई नीति का मॉडल बनेगा। यहां मल्टी स्टोरी इमारतों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सेक्टर-53 की जमीन को प्लॉट के आधार पर ई-ऑक्शन के जरिए किसी निजी बिल्डर या डेवलपर को सौंपा जाएगा। संबंधित डेवलपर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाकर फ्लैट्स का निर्माण करेगा और इन्हें बाजार दरों पर बेचेगा।
प्रशासन ने सेक्टर-53 में स्थित करीब नौ एकड़ प्राइम जमीन को निजी डेवलपर को नीलाम करने का फैसला लिया है। यह जमीन चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की है। यदि योजना के अनुसार सब कुछ आगे बढ़ता है, तो यह CHB के इतिहास में पहली बार होगा, जब किसी निजी डेवलपर को आवासीय निर्माण और फ्लैट्स के आवंटन की जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रशासन मार्च तक नीलामी प्रक्रिया पूरी कर प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में है।