छत्तीसगढ़ 11 जनवरी(दैनिक खबरनामा)नगर पंचायत नरियरा क्षेत्र में जल संसाधन विभाग द्वारा कराए गए नहर निर्माण और मरम्मत कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहर किनारे बनाई गई संरचनाएं समय से पहले ही जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आसपास के आवासीय इलाकों और किसानों के खेतों पर खतरा मंडराने लगा है।स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नहर किनारे की मिट्टी बड़े पैमाने पर धंस चुकी है। कई स्थानों पर रिटेनिंग वॉल और पत्थर की चिनाई अधूरी अथवा कमजोर पाई गई। जहां मजबूत कंक्रीट संरचना और उचित ढलान आवश्यक थी, वहां केवल मिट्टी भराव कर औपचारिकता पूरी कर दी गई। इसका नतीजा यह है कि हल्की बारिश या नहर में पानी छोड़े जाने पर तेज कटाव शुरू हो जाता है।ग्रामीणों का कहना है कि नहर की मरम्मत और सुरक्षा कार्यों के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। विभागीय अधिकारियों की निगरानी में हुए कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो कार्यों में सुधार किया गया और न ही जिम्मेदार अधिकारियों या ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई हुई।स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब नहर के आसपास अवैध कब्जों की बात सामने आती है। लूदीया तालाब के पास किसानों के खेतों तक जाने वाले मार्ग के समीप नहर किनारे मिट्टी धंसने लगी है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में जनहानि और बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। नहर की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता में लापरवाही न केवल वर्तमान बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है।