पंजाब 4 जनवरी ( दैनिक खबरनामा)पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) द्वारा तय मुआवज़े की राशि को चुनौती देने वाली एक बीमा कंपनी की अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मृतक का ड्राइविंग लाइसेंस यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि वह भारी वाहन चालक के रूप में एक कुशल श्रमिक था।न्यायमूर्ति सुदीप्ति शर्मा ने कहा कि रिकॉर्ड के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि मृतक का ड्राइविंग लाइसेंस पेश किया गया था, जिसमें उसे भारी और मध्यम मालवाहक वाहन चलाने की अनुमति दी गई थी। ऐसे में मृतक को भारी वाहन चालक की श्रेणी में कुशल श्रमिक मानना पूरी तरह उचित है।यह अपील मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 166 के तहत दायर उस याचिका से संबंधित थी, जिसमें MACT ने 10 जुलाई 2017 को निर्णय सुनाते हुए दावा करने वालों को 19.60 लाख रुपये का मुआवज़ा, साथ ही 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया था।बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि अधिकरण ने मृतक की मासिक आय 15,680 रुपये आंकी, जो कि कुरुक्षेत्र के उपायुक्त द्वारा जारी वेतन अधिसूचना पर आधारित थी। बीमा कंपनी का कहना था कि इसके बजाय पूरे हरियाणा राज्य में लागू न्यूनतम मजदूरी दर को आधार बनाया जाना चाहिए था, जो कम थी।वहीं, दावेदारों की ओर से पेश वकील ने अपील का विरोध करते हुए कहा कि दिया गया मुआवज़ा कम है और इसके बढ़ोतरी के लिए दावेदार पहले ही अलग अपील दाखिल कर चुके हैं। इसी आधार पर बीमा कंपनी की अपील खारिज करने की मांग की गई।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि अपील अदालत केवल वैकल्पिक दृष्टिकोण होने के आधार पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती। हस्तक्षेप तभी संभव है, जब निर्णय में गंभीर त्रुटि, अवैधता या मनमानी हो।न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं है, जिससे यह साबित हो कि कुरुक्षेत्र के उपायुक्त द्वारा जारी वेतन दरें मृतक पर लागू नहीं थीं। इसलिए अधिकरण द्वारा उन्हीं दरों के आधार पर आय निर्धारण को गलत नहीं ठहराया जा सकता।कोर्ट ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले सरोज एवं अन्य बनाम IFFCO टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी (2024) पर भरोसा जताया, जिसमें कहा गया है कि MACT के निष्कर्षों में तब तक हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए, जब तक वे स्पष्ट रूप से अवैध या मनमाने न हों।
इन सिद्धांतों को लागू करते हुए हाईकोर्ट ने अधिकरण के फैसले को बरकरार रखा और बीमा कंपनी की अपील खारिज कर दी।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

आईएमए लुधियाना चैप्टर में नेतृत्व परिवर्तन, डॉ. पवन ढींगरा बने नए अध्यक्ष

पंजाब 13 जनवरी( दैनिक खबरनामा ) लुधियाना इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के…
Share to :

मोहाली कार्निवाल में सितारों की धूम, 7 फरवरी को रणजीत बावा और ‘बंबूकाट-2’ की पूरी टीम करेगी शिरकत

पंजाब 6 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) पंजाब के मोहाली कार्निवाल में आयोजित…
Share to :

केंद्र ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और मंत्री संजीव अरोड़ा की ब्रिटेन-इज़राइल यात्रा को दी मंज़ूरी से इनकार आप

पंजाब 15 जनवरी ( दैनिक खबरनामा )पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी…
Share to :

सिद्धू परिवार की तारीफ पर रवनीत बिट्टू का बयान, बोले ‘न कोई बातचीत, न भाजपा की पहल’

पंजाब 28 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा ) पंजाब के केंद्रीय राज्य मंत्री…
Share to :