दिल्ली 14 जनवरी ( दैनिक खबरनामा ) दिल्ली आमतौर पर सर्दियों के मौसम में जब भी कड़ाके की ठंड की बात होती है, तो हिमाचल प्रदेश के शिमला और उत्तराखंड के देहरादून जैसे हिल स्टेशनों का नाम सबसे पहले लिया जाता है। लेकिन इस बार मौसम ने कुछ अलग ही तस्वीर पेश की है। बीते कुछ दिनों से दिल्ली और उससे सटे एनसीआर के इलाकों—गुड़गांव, नोएडा, फरीदाबाद में ठंड ने पहाड़ी क्षेत्रों को भी पीछे छोड़ दिया है।भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के मुताबिक, 13 जनवरी को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं हरियाणा के कुछ हिस्सों में पारा 1.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। गुड़गांव और पंजाब के कई इलाकों में तापमान शून्य डिग्री के आसपास पहुंच गया। इसके उलट, शिमला में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस और देहरादून में 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो दिल्ली-एनसीआर से अधिक रहा।यह स्थिति लोगों को हैरान करने वाली जरूर है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह कोई असामान्य घटना नहीं है। भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि सर्दियों के इस दौर में उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं हिमालय क्षेत्र से होकर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की ओर बहती हैं। इन हवाओं के कारण मैदानी क्षेत्रों में तापमान तेजी से गिरता है।
नरेश कुमार के अनुसार, इस बार सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते पहाड़ी इलाकों में बादल छाए रहे। बादलों की मौजूदगी के कारण वहां ‘हीट ट्रैप’ की स्थिति बनी रही, जिससे रात के समय तापमान बहुत ज्यादा नीचे नहीं गिर पाया। दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर जैसे मैदानी इलाकों में आसमान पूरी तरह साफ रहा और ठंडी हवाएं लगातार चलती रहीं।मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि जब आसमान साफ होता है तो दिन की गर्मी रात में तेजी से निकल जाती है। ऐसे में सूर्य ढलते ही तापमान तेजी से गिरता है और ठंड ज्यादा महसूस होती है। यही वजह है कि इस समय मैदानी इलाकों में ठंड पहाड़ी क्षेत्रों से भी ज्यादा असर दिखा रही है।मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड का असर बना रह सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें, खासकर बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।