नई दिल्ली 25 जनवरी 2026 ( दैनिक खबरनामा) नई दिल्ली
गणतंत्र दिवस 2026 की परेड इस बार केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं होगी, बल्कि यह पीढ़ियों से चली आ रही देशभक्ति और बलिदान की परंपरा का जीवंत उदाहरण भी बनेगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर लेफ्टिनेंट अमित चौधरी, जो दूसरी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी हैं, कर्तव्य पथ पर अरुणाचल स्काउट्स की मिश्रित टुकड़ी का नेतृत्व करते नजर आएंगे।यह पल उनके लिए केवल एक सैन्य उपलब्धि नहीं, बल्कि अपने पिता और परिवार की सैन्य विरासत को सम्मान देने का गौरवपूर्ण क्षण भी है। उनके पिता वर्ष 1990 की गणतंत्र दिवस परेड में ‘ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स’ की टुकड़ी का हिस्सा रह चुके हैं। वहीं, उनके परिवार की सैन्य परंपरा वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध के नायक तक जुड़ी हुई है, जिनकी बहादुरी आज भी प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।बचपन का सपना आज हो रहा साकार लेफ्टिनेंट अमित चौधरी ने भावुक होते हुए कहा,मैं बचपन में टीवी पर गणतंत्र दिवस परेड देखा करता था और घर के कमरे में मार्च करने की प्रैक्टिस करता था। उस समय कभी नहीं सोचा था कि एक दिन खुद कर्तव्य पथ पर टुकड़ी का नेतृत्व करूंगा। यह मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है।”
उन्होंने बताया कि उनके पिता से मिली प्रेरणा और अनुशासन ने ही उन्हें सेना में आने के लिए प्रेरित किया। “यह परेड मेरे लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपने पिता को समर्पित एक श्रद्धांजलि है,उन्होंने कहा।कठिन परिस्थितियों में भी शानदार अभ्यास शुक्रवार को हुई फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान बारिश और ठंड के बावजूद, विशेष पर्वतीय बूट, मल्टी-लेयर यूनिफॉर्म और हाई-प्रोटेक्शन सनग्लासेस पहने जवानों ने शानदार अनुशासन और तालमेल का प्रदर्शन किया। कठिन मौसम के बावजूद टुकड़ी का जोश और समर्पण देखने लायक था।अरुणाचल स्काउट्स की यह टुकड़ी उच्च पर्वतीय और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात रहकर देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में इस टुकड़ी का नेतृत्व करना स्वयं में एक बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान है।विशेष सेना झांकी भी बनेगी आकर्षण का केंद्रइससे पहले, दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल नवराज ढिल्लों ने बताया कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में ‘एकीकृत ऑपरेशन सेंटर’ विषय पर आधारित एक विशेष सेना झांकी भी शामिल होगी। यह झांकी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की स्मृति को ताजा करते हुए सेना की आधुनिक रणनीतिक क्षमता और युद्ध तैयारी को दर्शाएगी।गणतंत्र दिवस परेड बनेगी गर्व और प्रेरणा का प्रतीक गणतंत्र दिवस 2026 की यह परेड केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि त्याग, साहस, अनुशासन और देशभक्ति की अमर गाथा को जीवंत करने का मंच बनेगी। लेफ्टिनेंट अमित चौधरी जैसे युवा अधिकारियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि भारत की सैन्य परंपरा आने वाली पीढ़ियों में और भी मजबूती से आगे बढ़ रही है।